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  ‘स्कूल मेंटरशिप प्रोग्राम’ विद्यार्थियों को भविष्य के सुनहरे पन्नों पर अपना नाम लिखने में सक्षम बनाएगा

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 खमाणों/फतेहगढ़ साहिब, 24 मई:पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को 12वीं पास करने के बाद भविष्य के सुनहरी पन्नों पर अपना नाम दर्ज करवाने के लिए ‘स्कूल मेंटरशिप प्रोग्राम’ की शुरुआत की है। इसके तहत वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी छात्रों का मनोबल बढ़ाने के लिए विभिन्न सरकारी स्कूलों का दौरा कर रहे हैं।

आज पंजाब के पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी विकास विभाग के प्रिंसीपल सचिव श्री राहुल भंडारी (आईएएस) ने स्कूल ऑफ एमिनेंस खमाणों का दौरा किया तथा विद्यार्थियों एवं अध्यापकों के साथ विस्तृत चर्चा की तथा अपने जीवन के अनुभव उनके साथ साझा कर मार्गदर्शन प्रदान किया।

राहुल भंडारी ने स्कूल के आर्ट्स, मेडिकल, नॉन-मेडिकल, कॉमर्स के विद्यार्थियों से अपने कौशल को निरंतर बेहतर बनाने के लिए लगन से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि विश्वभर में हो रही घटनाओं से अवगत होने से न केवल हमारा अपना ज्ञान बढ़ता है, बल्कि दूसरों के लिए भी यह प्रकाश की किरण बन जाती है। श्री भंडारी ने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी को अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पुस्तकों या मार्गदर्शन की आवश्यकता महसूस होती है, तो वह निसंकोच अपने अध्यापकों को या व्यक्तिगत रूप से उनको सूचित कर सकता है और वे विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाने के लिए उनकी हर आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

श्री भंडारी ने विद्यार्थियों से मोबाइल या सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों के बजाय पुस्तकों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को खेल, आईटी क्षेत्र, संस्कृति, विरासत और अन्य कलाओं में भी विशेषज्ञता हासिल करनी चाहिए, क्योंकि किताबी ज्ञान के साथ-साथ अपने कौशल को भी निखारने की जरूरत होती है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से विषयों पर सवाल-जवाब किए तथा उन्हें बताया कि वे नियमित रूप से विद्यालय का दौरा करते रहेंगे तथा इस बात की भी समीक्षा करेंगे कि उनके सुझावों पर विद्यार्थियों व अध्यापकों ने कितना अमल किया है।

प्रिंसीपल सचिव श्री राहुल भण्डारी ने विद्यालय के प्रिंसीपल एवं विभिन्न विषयों के अध्यापकों के साथ विद्यालय में विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए की जा रही गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पुस्तकालय में बैठकर पुस्तकें पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को इस विद्यालय से पिछले तीन-चार वर्षों में उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों के बारे में भी जानकारी एकत्रित करनी चाहिए कि वह वर्तमान में कहां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, ताकि यदि विद्यार्थी को कोई समस्या आ रही हो, तो उसका उचित समाधान किया जा सके। श्री भण्डारी ने कहा कि विद्यालय में काउंसलिंग के लिए एक नियमित समय निर्धारित किया जाना चाहिए, जिसमें कोई भी विद्यार्थी अपनी पढ़ाई, परिवार या जीवन से संबंधित प्रश्न पूछ सके तथा हमारे कुशल एवं मेहनती शिक्षकों से जीवन संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त कर सके।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सुशील नाथ, स्कूल प्रिंसीपल मनोज कुमार के अलावा विद्यार्थी व अध्यापक भी उपस्थित थे।