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तेल की बढ़ती कीमतों पर बोले वड़िंग; मोदी सरकार आम लोगों की जेबें काट रही है

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चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी की कड़ी निंदा करते हुए, कहा है कि मोदी सरकार देशभर के आम लोगों की जेबों पर डाका डाल रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटी हुई थीं और तेल कंपनियां पहले से ही भारी मुनाफा कमा रही थीं।

वड़िंग ने तेल की कीमतों में हालिया वृद्धि का हवाला देते हुए, कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार यह वृद्धि “चोरी-छिपे” कर रही है और कीमतों को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर लोगों पर बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि मात्र 10 दिनों में भाजपा सरकार ने चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए हैं, जिसे उन्होंने “शासन नहीं, बल्कि लोगों पर योजनाबद्ध तरीके से महंगाई थोपना” करार दिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घट रही हैं और तेल कंपनियां पहले से ही भारी मुनाफा कमा रही हैं, तो सरकार को तेल की कीमतें बढ़ाने की आवश्यकता क्यों पड़ी? उन्होंने कहा कि लोगों को राहत देने के बजाय मोदी सरकार लगातार कीमतें बढ़ाकर नागरिकों की लूट कर रही है और उनसे जबरन पैसा वसूल रही है।

वड़िंग ने कहा कि दो सप्ताह से भी कम समय में पेट्रोल 7.5 रुपये प्रति लीटर से अधिक महंगा हो चुका है और डीजल की कीमतों में भी लगभग इतनी ही बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में मध्यम वर्ग, किसान, ट्रांसपोर्टर, छोटे व्यापारी, दिहाड़ी मजदूर और युवा इस आर्थिक बोझ के साथ कैसे जीवन यापन करेंगे?

उन्होंने खुलासा किया कि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये प्रति लीटर (102.12 रुपये) से अधिक हो चुकी है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। जबकि कई मेट्रो शहरों में ये दरें इससे भी अधिक हैं। उन्होंने कहा कि केवल हालिया बढ़ोतरी से ही पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है।

उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में हर वृद्धि का सीधा असर परिवहन खर्च, सब्जियों, दूध, किराना और हर आवश्यक वस्तु की कीमत पर पड़ता है। यह केवल तेल का संकट नहीं, बल्कि हर घर को प्रभावित करने वाला महंगाई का संकट है।

वड़िंग ने कहा कि जब पेट्रोल और डीजल महंगे होते हैं, तो हर परिवार का बजट बिगड़ जाता है। एक किसान को खेती और परिवहन पर अधिक खर्च करना पड़ता है, एक मजदूर को आने-जाने के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं और सामान्य परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है।

उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा विधानसभा चुनावों के दौरान दी गई चेतावनी को याद करते हुए, कहा कि राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि चुनावों के बाद तेल की कीमतें बढ़ाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की हर बात सही साबित हुई है। चुनाव से पहले दिखावे के लिए कीमतें घटाई जाती हैं और चुनाव के बाद जनता से उसका बिल वसूला जाता है। अब लोग इस राजनीति को समझने लगे हैं।

केंद्र सरकार पर तीखा तंज कसते हुए, वड़िंग ने कहा कि पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है, डीजल भी 100 रुपये के करीब है, लेकिन लोगों की तनख्वाहें वहीं की वहीं खड़ी हैं। भाजपा सरकार ने देश को महंगाई के हाईवे पर चढ़ा दिया है।