बिजनेस डेस्कः सरकार पीएनजी (PNG) कनेक्शन के लिए एक राष्ट्रीय केंद्रीकृत पोर्टल (National Centralized Portal) शुरू करने पर काम कर रही है। इसके आने के बाद उपभोक्ताओं को अलग-अलग गैस कंपनियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और वे एक ही वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
तय समय-सीमा और निगरानी
नए सिस्टम के तहत गैस वितरण कंपनियों को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर कनेक्शन देना होगा। सरकार इस पोर्टल के जरिए कंपनियों के काम की रियल टाइम निगरानी भी करेगी। इसके अलावा, उपभोक्ता ऑनलाइन मैप के जरिए यह भी देख सकेंगे कि उनके घर के पास पाइपलाइन उपलब्ध है या नहीं।
LPG से PNG की ओर बदलाव का कारण
यह बदलाव मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में ऊर्जा संकट, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण किया जा रहा है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का 60% आयात करता है, जिसका 90% हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आता है। आपूर्ति में इस जोखिम को देखते हुए सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को पीएनजी की ओर शिफ्ट कर रही है।
मार्च के बाद से 8.6 लाख नए पीएनजी कनेक्शन शुरू हो चुके हैं और 8.8 लाख नए लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। साथ ही, 31 मई तक लगभग 78,000 उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिया है।
सरकार का लक्ष्य उन 60 लाख परिवारों को पीएनजी के दायरे में लाना है जिनके घरों के पास नेटवर्क उपलब्ध होने के बावजूद वे अभी भी एलपीजी सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं।

















