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हरियाणा में यमुना का सीना छलनी ! अवैध खनन से नदी का अस्तित्व खतरे में…प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

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यमुनानगर : हरियाणा के यमुनानगर जिले के बेलगढ़ क्षेत्र में बहने वाली यमुना नदी इन दिनों अवैध खनन की वजह से गंभीर संकट का सामना कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां दिन-रात सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर रेत और बजरी का अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, नदी किनारे दिन-रात मशीनों की आवाज गूंजती रहती है और रात के समय यह गतिविधि और तेज हो जाती है। अंधेरे का फायदा उठाकर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में उतरकर खनन करते हैं और खुलेआम सामग्री निकालकर ले जाते हैं।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यमुना से निकाली गई रेत और बजरी को आसपास लगे स्क्रीनिंग प्लांटों में पहुंचाया जा रहा है, जहां से इसे बाजार में बेचा जाता है। यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा है और इसमें कई प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता भी बताई जा रही है।
ट्रैक्टर चालक बिना किसी डर के नदी से सामग्री निकालकर सीधे प्लांटों तक पहुंचा रहे हैं, जिससे साफ है कि यह अवैध खनन छोटे स्तर पर नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर चल रहा है।सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार खनन विभाग, पुलिस और सिंचाई विभाग को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

अवैध खनन के मामले को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुर्जेवाला ने ट्वीट कर हरियाणा सरकार पर जमकर हमला बोला। सुर्जेवाला ने कहा कि अवैध माइनिंग का अवैध धंधा अखबार को दिखता है तो हरियाणा की BJP सरकार को क्यों नहीं दिखता?

विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक खनन से नदी का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ जाता है। इससे मछलियों और अन्य जलीय जीवों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगता है। साथ ही, नदी किनारे बसे गांवों के लोगों के लिए भी यह एक गंभीर जोखिम बनता जा रहा है। बेलगढ़ और आसपास के गांवों के लोगों में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

खनन माफिया पूरे सिस्टम को कर रहे कमजोर

हर साल सिंचाई विभाग द्वारा नदी किनारों को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। बाढ़ से बचाव के लिए पत्थर और अन्य संरचनाएं बनाई जाती हैं, लेकिन अवैध खनन के चलते ये सभी प्रयास बेकार साबित हो रहे हैं। एक ओर सरकार सुरक्षा पर खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर खनन माफिया इन संरचनाओं को नुकसान पहुंचाकर पूरे सिस्टम को कमजोर कर रहे हैं।

इस मामले में प्रताप नगर थाना प्रभारी रोहतास का कहना है कि वे जल्द ही स्थिति का जायजा लेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि थाना क्षेत्र में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।