– भगवंत मान सरकार पहले ही ठेका पर रखे कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला कर चुकी है: हरपाल सिंह चीमा
– विभागों को कर्मचारियों की शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश: हरपाल सिंह चीमा
– कर्मचारियों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़:राज्य सरकार के कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए किए जा रहे एक बड़े प्रयास के तहत पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां 6 कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने यूनियनों को भरोसा दिलाया कि भगवंत मान सरकार ठेका पर रखे कर्मचारियों को नियमित करने तथा आउटसोर्स कर्मचारियों को ठेका आधार पर लाने की प्रक्रिया पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। साथ ही उनकी अन्य सभी जायज़ मांगों को भी जल्द पूरा किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पहले ही ठेका पर रखे कर्मचारियों को नियमित करने और आउटसोर्स कर्मचारियों को ठेका आधारित दर्जा देने के अपने फैसले की घोषणा कर चुकी है और इसे लागू करने की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।”
इस प्रक्रिया को और तेज करने के निर्देश देते हुए वित्त मंत्री ने संबंधित विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ परसोनल एवं वित्त विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस प्रक्रिया में तेजी लाएं और यह सुनिश्चित करें कि सभी जायज़ मांगों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा, “सभी संबंधित विभागों को अपनी कार्यवाही में तेजी लानी चाहिए और कर्मचारियों की उचित मांगों को फास्ट-ट्रैक मोड में हल करना चाहिए।”
कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष रूप से गठित कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष के रूप में वित्त मंत्री ने ऑल पंजाब डी.एस.टी./सी.टी.एस. कॉन्ट्रैक्ट इंस्ट्रक्टर यूनियन, पंजाब राज्य सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल अध्यापक एवं अन्य कर्मचारी यूनियन, आदर्श स्कूल टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग मुलाजिम यूनियन, ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा, पंजाब रोडवेज/पनबस पी.आर.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन तथा पंजाब रोडवेज (पनबस) स्टेट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
बैठकों के दौरान ऑल पंजाब डी.एस.टी./सी.टी.एस. कॉन्ट्रैक्ट इंस्ट्रक्टर यूनियन की ओर से किरणदीप सिंह रूपाणा, सिमरनजीत सिंह और स्वर्ण सिंह; पंजाब राज्य सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल अध्यापक एवं अन्य मुलाजिम यूनियन की ओर से गुरमीत सिंह मदनीपुर, शरणजीत सिंह कादीमाजरा और हरदीप सिंह ढींडसा; आदर्श स्कूल टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग मुलाजिम यूनियन की ओर से जसवीर सिंह गलोटी, सुभदीप कौर, मीनू बाला और मनमोहन सिंह; ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा की ओर से वरिंदर सिंह मोमी, जगरूप सिंह, शेर सिंह खन्ना, गुरविंदर सिंह पन्नू और पवनदीप सिंह; पंजाब रोडवेज/पनबस पी.आर.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन की ओर से रेशम सिंह, शमशेर सिंह, बलविंदर सिंह, बलजीत सिंह और राजेश कुमार; तथा पंजाब रोडवेज (पनबस) स्टेट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन की ओर से हरमिंदर सिंह और लखविंदर सिंह ने अपनी-अपनी मांगें और पक्ष रखे।
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