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रोजी बरकंदी के भाई के मामले में सुखबीर बादल और अकाली दल अपना रूख स्पष्ट करें – बलतेज पन्नू

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कहा – रोजी बरकंदी ने पहले पंजाब में तबाही मचाई, अब उनके भाई विदेश में लोगों को मारने की सुपारी दे रहें

चंडीगढ़:

अमेरिका में शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक रोजी बरकंदी के भाई की एक व्यक्ति को जान से मारने की सुपारी देने के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने अकाली नेताओं को घेरा और उन्हें भ्रष्टाचार और अपराध को बढ़ावा देने वाला बताया।

आप नेता बलतेज पन्नू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल और उनके बेहद करीबी रहे पूर्व विधायक रोजी बरकंदी इस मामले पर अपना रूख स्पष्ट करें और पंजाब के लोगों से अपने भाई के करतूतों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।

पन्नू ने कहा कि अमेरिका के ट्रेसी शहर में रोजी बरकंदी के भाई और उसके दो साथी जगनिंदर सिंह बोपाराय और रमेश कुमार बिड़ला 20 फरवरी 2023 के दिन कॉफी शॉप पर एक व्यक्ति को 6 हजार डॉलर में किसी के हाथ-पैर तोड़ने की सुपारी देता है। फिर कुछ दिन बाद वह व्यक्ति उन्हें तस्वीरे देता है जिसमें दिखता है कि वह उस व्यक्ति के हाथ पैर किस तरह तोड़े।
फिर शमिंदर सिंह संधू और उसके दोनों दोस्त उस व्यक्ति से पूछते हैं कि क्या तुम इससे ऊपर का काम भी कर सकते हो? जब उसने हामी भरी तो उसने 17 फरवरी 2024 को 10,000 अमेरिकी डॉलर में उसे जान से मारने की सुपारी देता है। लेकिन उन्हें बाद में पता लगता है जिस व्यक्ति के साथ वह सौदा कर रहा है वह असल में एफबीआई का एजेंट है। फिर पुलिस ने उन तीनों को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के दौरान शमिंदर संधू ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है। 7 अगस्त को अमेरिका की अदालत उसको सजा सुनाने वाली है।

पन्नू ने कहा कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि 2007 से 17 तक जब पंजाब में अकाली दल का तो इन लोगों ने यहां तबाही मचाई और अब सरकार जाने के बाद विदेश में भी हत्या और अपहरण की सुपारी दे रहे हैं। दरअसल इन लोगों का असली चरित्र ही यही है।

उन्होंने कहा कि जब रोजी बरकंदी मुक्तसर साहिब से विधायक थे उस दौरान भी वह गैर-कानूनी तरीके से बड़े पैमाने पर माइनिंग के लिए बदनाम थे। उनके इलाके में लोग उन्हें रोजी की जगह रेता बरकंदी के नाम से पुकारते थे और उन्होंने ये सारे गलत काम सुखबीर बादल के संरक्षण में किया। वह अभी भी बादल के बेहद करीबी हैं। इसलिए इस मामले में सुखबीर बादल अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकतें।