नेशनल डेस्क: लोकसभा में विपक्षी दल कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस महासचिव को सौंप दिया है। विपक्ष द्वारा उठाए गए इस बड़े कदम के बाद ओम बिरला ने खुद को सदन के संचालन से दूर कर लिया है और मंगलवार को वह सदन की कार्यवाही में शामिल होने आसन पर नहीं आए।
सदन में गतिरोध को खत्म करने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष इस शर्त पर गतिरोध खत्म करने को तैयार है कि सस्पेंड किए गए आठ सांसदों का निलंबन तुरंत वापस लिया जाए। हालांकि, अभी तक इस पर कोई आधिकारिक समझौता नहीं हुआ है। मंगलवार को भी हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही को पहले 12 बजे और फिर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष का आरोप है कि सदन में उनकी आवाज को अनसुना किया जा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष कार्यवाही में बाधा डाल रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार सांसदों का निलंबन वापस लेकर स्पीकर के खिलाफ लाए गए इस प्रस्ताव को टालने में सफल होती है या नहीं।
2 बजे तक स्थगित हुआ कार्यावाही
विपक्ष के हंगामे के बीच 2 बजे तक लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। यह हंगामा इतना जोरदार था कि कार्यवाही 2 मिनट तक भी न चल सकी।

















