वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कर्मचारी यूनियन के साथ बैठक की अध्यक्षता की, यूनियन ने हड़ताल की खत्म
चंडीगढ़, 29 जुलाई: पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज मनरेगा/वीबी जी राम जी कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की और सकारात्मक वार्ता तथा आपसी सहमति के माध्यम से उनकी लंबे समय से लंबित मांगों का सफलतापूर्वक समाधान किया। इस निर्णय से 30 जुलाई से वीबी जी राम जी पहल को राज्य भर में लागू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है तथा कर्मचारियों की लगभग दो महीने से चल रही हड़ताल समाप्त हो गई है।
यह बैठक पिछले कई हफ्तों से चल रहे विचार-विमर्श के फलस्वरूप आयोजित की गई।
वित्त मंत्री ने कहा कि सेवा संबंधी शर्तों, अनुबंध की अवधि, वीबी जी राम जी ढांचे को अपनाने, पारिश्रमिक और अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित मुद्दों पर सभी भागीदारों के साथ विचार-विमर्श के बाद पंजाब सरकार ने यूनियन की सभी उचित मांगों को स्वीकार कर लिया है। इन निर्णयों से पंजाब भर के लगभग 2,000 मनरेगा/वीबी जी राम जी कर्मचारियों को लाभ होने की संभावना है।
बैठक के बाद बोलते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बेहतर तरीके से सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ अपने कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार वार्ता, परामर्श और सहमति के माध्यम से वास्तविक मुद्दों को हल करने में विश्वास रखती है। आज का निर्णय कर्मचारियों के कल्याण के साथ-साथ पंजाब भर में वीबी जी राम जी कार्यक्रम को सुचारू रूप से लागू करके ग्रामीण विकास को और मजबूत करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
विचार-विमर्श के परिणामों पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए, मनरेगा/वीबी जी राम जी कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान, वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा और ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री स. तरुनप्रीत सिंह सौंद का उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को सुचारू रूप से हल करने के लिए धन्यवाद किया।
यूनियन ने अपनी हड़ताल तुरंत वापस लेने की घोषणा भी की और सरकार को राज्य भर में ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को लागू करने में अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस निर्णय के बाद, वीबी जी राम जी पहल अब कल से पंजाब भर के सभी गांवों में सुचारू रूप से लागू की जाएगी। सभी कर्मचारी बुधवार से अपनी ड्यूटी फिर से शुरू करेंगे और ग्रामीण परिवारों के लिए समय पर मजदूरी वाले रोजगार को सुनिश्चित करने, स्थायी ग्रामीण संपत्तियों के निर्माण में तेजी लाने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे तथा विकास को और मजबूत करने के लिए कार्यक्रम को लागू करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग ने आशा व्यक्त की कि वीबी जी राम जी कर्मचारियों के सहयोग से इस पहल की सफल शुरुआत के फलस्वरूप ग्रामीण प्रशासन को मजबूती मिलेगी, बेहतर तरीके से सार्वजनिक सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी और पंजाब सरकार के समग्र, स्थायी और समृद्ध ग्रामीण विकास के दृष्टिकोण को बल मिलेगा।
इस बैठक के दौरान प्रमुख सचिव अजीत बालाजी जोशी, संयुक्त विकास आयुक्त शेना अग्रवाल, विशेष सचिव अमित तलवार और यूनियन के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।















