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चीन अब ताइवानी धार्मिक अनुयायियों को बना रहा निशाना, तीन नागरिकों को हिरासत में लिया

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Bejing: चीन पर एक बार फिर ताइवानी धार्मिक अनुयायियों को निशाना बनाने के आरोप लगे हैं। ताइवान की अर्ध-आधिकारिक संस्था ने दावा किया है कि इस महीने चीन के फुजियान और ग्वांगडोंग प्रांतों में ‘आई-कुआन ताओ’ धार्मिक आंदोलन से जुड़े तीन ताइवानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। ताइवान की स्ट्रेट्स एक्सचेंज फाउंडेशन (Straits Exchange Foundation) के महासचिव Luo Wen-jia ने बताया कि इन लोगों को पहले चीन छोड़ने से रोका गया और बाद में अस्पष्ट परिस्थितियों में हिरासत में ले लिया गया। हालांकि यह साफ नहीं किया गया कि वे अभी भी चीन की हिरासत में हैं या नहीं।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 से अब तक धार्मिक मामलों से जुड़े कम से कम 17 मामलों में 19 ताइवानी नागरिकों को चीन में हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें से 14 लोग ‘आई-कुआन ताओ’ आंदोलन से जुड़े थे, जबकि अन्य ईसाई संगठनों और यूनिफिकेशन चर्च से संबंधित बताए गए। ताइवानी अधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने पहले भी ‘आई-कुआन ताओ’ के अनुयायियों को चीन की यात्रा करने से बचने की सलाह दी थी। उनका कहना है कि चीन में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर हालात लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं। लुओ वेन-जिया ने चीन के मार्च में पारित नए “एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेस” कानून पर भी चिंता जताई।
उनका कहना है कि इस कानून के बाद चीन जाने वाले ताइवानी नागरिकों के लिए जोखिम और बढ़ सकता है। ताइवान ने यह भी आरोप लगाया कि चीन ने इन हिरासत मामलों की कोई आधिकारिक जानकारी ताइवान को नहीं दी। दोनों पक्षों के बीच औपचारिक संवाद चैनल पिछले लगभग दस वर्षों से बंद पड़े हैं।Taiwan और चीन के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को स्वतंत्र लोकतांत्रिक प्रशासन वाला क्षेत्र बताता है।