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पंजाब पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश को किया नाकाम; आरडीएक्स आधारित आईईडी सहित दो काबू

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  1. बरामद आईईडी विस्फोट के लिए पूरी तरह तैयार थी : डीजीपी गौरव यादव
  2. विदेशी हैंडलर द्वारा आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के बदले वित्तीय सहायता देने की पेशकश की गई थी : आईजीपी काउंटर इंटेलिजेंस अशीष चौधरी

चंडीगढ़:मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान सीमा पार के आतंकवादी नेटवर्कों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी), एसएएस नगर ने एक विदेशी आतंकवादी हैंडलर के दो सहयोगियों को लगभग 2.5 किलोग्राम वजनी आरडीएक्स आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) सहित गिरफ्तार कर एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां साझा की।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान अमृतसर के गुज्जरपुरा निवासी मनी सिंह (32) तथा अमृतसर के गिल्लवाली गेट निवासी अभिषेक कुमार (28) के रूप में हुई है।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि बरामद की गई आईईडी विस्फोट के लिए पूरी तरह तैयार थी। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप एसएएस नगर में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की एक नापाक साजिश को विफल कर दिया गया है तथा आम लोगों की सुरक्षा के लिए उत्पन्न संभावित खतरे को टाल दिया गया है।

डीजीपी ने कहा कि पूरे आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश करने तथा साजिश में शामिल हैंडलरों, ऑपरेटिवों और उनके आगे-पीछे के संपर्कों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

ऑपरेशन संबंधी जानकारी साझा करते हुए पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी), काउंटर इंटेलिजेंस अशीष चौधरी ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त पुख्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने दोनों संदिग्धों को, जो बस के माध्यम से विस्फोटक उपकरण सहित अमृतसर से मोहाली पहुंचे थे, वाईपीएस चौक मोहाली के सामने स्थित एक पार्क के निकट से गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से आरडीएक्स से लैस आईईडी बरामद की। इस विस्फोटक से उत्पन्न गंभीर खतरे को देखते हुए बम निरोधक दस्ते को तुरंत मौके पर बुलाया गया, जिसने सभी निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आईईडी को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया।

आईजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मनी सिंह हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में आया था और उसने अपने रिश्तेदार अभिषेक कुमार की भी उससे पहचान करवाई थी। आईजीपी ने बताया कि बातचीत के दौरान विदेशी हैंडलर ने उन्हें कुछ कार्यों को अंजाम देने के बदले आर्थिक सहायता देने की पेशकश की। आर्थिक तंगी के कारण दोनों आरोपियों ने हैंडलर के लिए काम करने पर सहमति दे दी।

इस संबंध में एफआईआर संख्या 8, दिनांक 03.06.2026 को पुलिस स्टेशन एसएसओसी, एसएएस नगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113(3) एवं 61(2) तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है।