अंधकार से उम्मीद की ओर: ‘युद्ध नशयां विरुद्ध’ अभियान ने सामाजिक परिवर्तन की रखी नींव
*नशा पीड़ितों की जुबानी: मान सरकार की नशे के खिलाफ जंग पंजाब के युवाओं की बदल रही जिंदगी
चंडीगढ़, 18 मई- आप सरकार के ‘युद्ध नशयां विरुद्ध’ अभियान की सराहना करते हुए पूर्व नशा पीड़ितों ने नशे की लत से उबरने और समाज में पुनः शामिल होने की अपनी व्यक्तिगत यात्रा को साझा किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान इन व्यक्तियों ने नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार द्वारा निर्णायक मुहिम चलाने के लिए आभार व्यक्त किया और इसे उम्मीद की किरण बताया।
एक पूर्व नशा पीड़ित व्यक्ति, जो 12 वर्षों तक नशे की लत से जूझता रहा, ने राज्य सरकार द्वारा नशे के खिलाफ उठाए गए कड़े कदमों को अभिशाप से मुक्ति दिलाने वाला बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री मान द्वारा नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर की गई कार्रवाई की सराहना की तथा नशे के आदी लोगों के साथ मरीजों की तरह व्यवहार करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा, “आप सरकार के प्रयासों से अब नशे से संबंधित इलाज काफी सुलभ हो गया है जिसके कारण नशे के आदी लोग ठीक हो रहे हैं। मैं युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे नशे से दूर रहें और अपना भविष्य बर्बाद न करें।”
एक अन्य नशे से उबरे व्यक्ति ने अपने संघर्ष का वृत्तांत साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने पिता को खो दिया और ड्रग्स खरीदने के लिए अपने पिता के शव से पैसे चुराए। उन्होंने अपनी जमीन बेची। उनकी पत्नी ने भी उन्हें छोड़ दिया। उन्होंने नशे की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा, “जब मैं नशा मुक्ति केंद्र से लौटा तो मेरे पास अपनी गर्भवती पत्नी के स्कैन के लिए भी पैसे नहीं थे। समाज महिलाओं को अपने नशे के आदी बेटों के इलाज के उपाय के रूप में देखता है, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि मान सरकार की कार्रवाई मेरे जैसे नशे के आदी लोगों के लिए उम्मीद की किरण है।
एक तीसरे वक्ता, जिन्होंने नशे की लत पर सफलतापूर्वक काबू पाया, ने भी मान सरकार की इस व्यापक रणनीति को सराहा। उन्होंने कहा, “सरकार ने नशा मुक्ति केंद्रों को पूरी तरह से सुसज्जित कर दिया है। वहीं पंजाब पुलिस आपूर्ति श्रृंखलाओं को तोड़ रही है और नशा तस्करों को गिरफ्तार कर रही है। मैं ऐसे दर्जनों लोगों को जानता हूं जिन्होंने इस अभियान के दौरान नशा छोड़ा है। पिछली सरकारें पंजाब में नशे की समस्या से निपटने में विफल रहीं, लेकिन मान सरकार ने इस खतरे से निपटने के लिए व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है।” उन्होंने नशे के अन्य पीड़ितों से अभियान के माध्यम से मदद लेने और अपनी बुरी लत छोड़ने का आग्रह किया।
एक अन्य व्यक्ति ने सुधार की संभावना और आशा की बात की तथा बताया कि कैसे उसने अपने पिता को खो देने और अपनी मां को बुरी तरह निराश करने के बाद सरकार द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्र से मदद मांगी थी। उन्होंने कहा, “पिता की मृत्यु ने मुझे बदलाव के लिए प्रेरित किया। नशा मुक्ति केंद्र में मुझे पूरी देखभाल मिली और आज मैं अपने परिवार के साथ खुशी-खुशी रह रहा हूं। इसलिए उम्मीद मत खोइए। मान सरकार का ‘युद्ध नशयां विरुद्ध’ अभियान आपकी मदद का रास्ता है।”
ये हृदयस्पर्शी कहानियां ‘युद्ध नशयां विरुद्ध’ अभियान के परिवर्तनकारी प्रभाव को प्रतिबिंबित करती हैं, जिसमें नशीली पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ नशे के आदी लोगों के प्रति दयालुता पूर्वक तरीके से देखभाल को शामिल किया गया है। यह अभियान नशे के आदी लोगों के परिवारों के लिए आशा की किरण बन गया है, जो नशे की लत से छुटकारा और नशा मुक्त पंजाब का सपना साकार कर रहा है।










