•कृषि मंत्री खुड्डियां ने राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में की शिरकत
•देश के अन्न भंडार में पंजाब के योगदान को देखते हुए समय पर खाद आपूर्ति और पराली प्रबंधन के लिए 150 करोड़ रुपये दिए जाएं: खुड्डियां
चंडीगढ़/नई दिल्ली- पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मांग की है कि केंद्र सरकार आगामी रबी सीजन 2026-27 के दौरान फसलों की बुवाई के लिए डी.ए.पी. और यूरिया खाद की बिना देरी आपूर्ति सुनिश्चित करे।
आज यहां स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर में केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा आयोजित रबी सीजन 2026 संबंधी राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन को संबोधित करते हुए स. खुड्डियां ने कहा कि रबी सीजन की फसलों, विशेषकर गेहूं और आलू की बुवाई के लिए 5.5 लाख मीट्रिक टन डी.ए.पी. और 15 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य की आवश्यकता के अनुसार उक्त मात्रा में इन रासायनिक खादों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करे।
स. खुड्डियां ने कहा कि पंजाब का कृषि योग्य रकबा 41 लाख हेक्टेयर है और राज्य केंद्रीय अन्न भंडार में गेहूं का 40 प्रतिशत तथा धान का 22 प्रतिशत योगदान देता है। कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों के दौरान कई बार रबी सीजन में केंद्र द्वारा डी.ए.पी. और यूरिया की आपूर्ति समय पर न होने के कारण किसानों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि केंद्र राज्य को इन खादों की बिना देरी आपूर्ति सुनिश्चित करे, ताकि पंजाब केंद्रीय अन्न भंडार में अपने इस योगदान को बरकरार रख सके।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब पहले कपास की फसल के लिए जाना जाता था, लेकिन मौसम अनुकूल न रहने के कारण यह फसल लगातार प्रभावित होती रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भले ही पंजाब में 80 हजार हेक्टेयर रकबा कपास की फसल के अधीन है, लेकिन यदि मौसम अनुकूल रहा तो उत्पादन बेहतर रहने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार कपास के बीज पर 33 प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध करवाती है और किसानों को 4 करोड़ रुपये का लाभ दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पंजाब आने वाले समय में तिलहन और दलहन में अपना योगदान बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है तथा पंजाब सरकार द्वारा इन फसलों के प्रति किसानों को प्रेरित करने के लिए 6 करोड़ रुपये की सब्सिडी उपलब्ध करवाई गई है।
स. खुड्डियां ने कहा कि पंजाब में पराली जलाने की समस्या का 90 प्रतिशत समाधान पराली प्रबंधन की विधियों के माध्यम से कर लिया गया है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार 150 करोड़ रुपये की अगली किस्त भी तुरंत जारी करे, ताकि किसानों को सब्सिडी और अन्य मशीनरी उपलब्ध करवाकर पराली जलाने की समस्या का पूर्ण समाधान किया जा सके।
स. खुड्डियां ने पंजाब के किसानों को 2,000 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी पर 2.50 लाख मीट्रिक टन प्रमाणित गेहूं का बीज उपलब्ध करवाने के लिए 50 करोड़ रुपये जारी करने तथा कृषि उन्नति योजना के तहत राज्य के लिए दूसरी किस्त के लगभग 43 करोड़ रुपये भी जारी किए जाने पर केंद्रीय कृषि मंत्री का धन्यवाद किया। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में पंजाब कृषि विभाग के निदेशक गुरजीत सिंह बराड़ तथा अन्य अधिकारियों ने भी शिरकत की।


















