Shibu Soren dies: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के अध्यक्ष शिबू सोरेन का आज यानी सोमवार को निधन हो गया है। उनके निधन से पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। शिबू सोरेन के निधन से झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश भर में शोक की लहर है। अलग-अलग पार्टियों के नेता उनके निधन पर दुख जता रहे हैं।
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष और राज्य भाजपा प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने कहा, “यह एक अपूरणीय क्षति है। ”
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा, “दिशोम गुरु, शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रणेता थे और बाद में अटल बिहारी वाजपेयी ने अलग राज्य दिया, लेकिन एक अभिभावक के रूप में, सभी राजनीतिक विचारधाराओं से हटकर, वे हमेशा सभी के साथ प्रेम और आदर से पेश आते थे। शिबू सोरेन का जाना पूरे देश के लिए बहुत दुखदायी है।”
भाजपा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा, “आज हम सब स्तब्ध हैं और हम सभी लोगों के हृदय में पीड़ा हैं। शिबू सोरेन आज हमारे बीच नहीं हैं, वे झारखंड की आवाज थे। झारखंड की अस्मिता और झारखंड के अलग राज्य के आंदोलन के प्रणेता के रूप में वे जाने जाएंगे… ईश्वर उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें तथा ऐसे संकट के समय में उनके परिवार को पीड़ा सहने की शक्ति प्रदान करें।”
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा, “न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए यह बहुत बड़ी क्षति है, जिसे हम कभी पूरा नहीं कर पाएंगे। झारखंड को आज एक पहचान मिली है तो वह गुरु जी की ही देन थी… राज्य को उनके कारण एक पहचान मिली थी, लेकिन आज हम अपने आप को असहाय महसूस कर रहे हैं… हम लोग अभी सदमे में हैं।”
झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार ने शिबू सोरेन के निधन पर कहा, “झारखंड का कण-कण निशब्द हैं। शिबू सोरेन व्यक्ति नहीं बल्कि संस्थान थे और उनके निधन ने झारखंड की राजनीति के लिए बहुत अपूरणीय क्षति पैदा की।”
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और JMM के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन के निधन पर झारखंड की मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा, “मुझे लगता है कि पूरे राज्य में शोक व्याप्त हो गया है। ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन सिर्फ़ एक नाम नहीं बल्कि एक आंदोलन हैं। उनकी विरासत हमारे विचारों और हमारे काम के ज़रिए हमेशा ज़िंदा रहेगी। मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं और ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उनके परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें… आप उनके नाम के बिना झारखंड की कल्पना भी नहीं कर सकते, लेकिन हम समझ सकते हैं कि एक पिता को खोने का क्या मतलब होता है।”
गौरतलब है कि बीते काफी दिनों तक शिबू सोरेन सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती रहे। उनकी हालत काफी गंभीर थी और वह वेंटिलेटर पर थे। 81 वर्षीय शिबू सोरेन लंबे समय से किडनी, डायबिटीज और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। वे एक साल से डायलिसिस पर थे और पहले भी उनकी बायपास सर्जरी हो चुकी थी। वहीं, पिता के निधन से सीएम हेमंत भी टूट चुके हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा,”आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सबको छोड़कर चले गए…मैं आज ‘शून्य’ हो गया हूं।”










