International Desk: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच Iran ने बृहस्पतिवार सुबह Israel और United States के कई सैन्य ठिकानों पर नए हमले शुरू कर दिए।ईरान ने चेतावनी दी है कि हिंद महासागर में उसके युद्धपोत IRIS Dena को टॉरपीडो से डुबोने के लिए अमेरिका को “बहुत पछताना” पड़ेगा।ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा है कि उसने उत्तरी फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर को निशाना बनाया, जिसके बाद जहाज में आग लग गई।यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान ने अपने युद्धपोत IRIS Dena के डूबने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है।
IRIS डेना पर हमले का बदला?
ईरान का कहना है कि हिंद महासागर में श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत IRIS डेना को टॉरपीडो से निशाना बनाया था। इस हमले में कम से कम 87 ईरानी नाविकों की मौत हो गई। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस घटना को “समुद्र में अत्याचार” बताया और चेतावनी दी कि अमेरिका को इसका “कड़वा पछतावा” होगा।
अमेरिकी टैंकर पर सफल हमला
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के पब्लिक रिलेशन्स विभाग ने बयान जारी कर कहा कि ईरानी नौसेना ने “उत्तरी खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर को सफलतापूर्वक निशाना बनाया।”ईरानी सरकारी मीडिया Islamic Republic News Agency (IRNA) के अनुसार हमले के बाद जहाज में आग लग गई। हालांकि इस दावे पर अभी तक अमेरिका की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव
हमले से पहले IRGC ने बयान दिया था कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही अब उसके नियंत्रण में रहेगी।यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है और यहां किसी भी सैन्य कार्रवाई का असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है।
ईरान ने गुरुवार सुबह इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की नई लहर शुरू करने का दावा भी किया है। इसके जवाब में Israel ने कहा कि उसने तेहरान समेत कई इलाकों में “बड़े पैमाने पर” हमले शुरू किए हैं। इजरायली सेना के अनुसार पिछले 24 घंटों में लेबनान में ईरान समर्थित संगठन Hezbollah से जुड़े करीब 80 ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इस बढ़ते संघर्ष में अब तक ईरान में 1200 से अधिक लोगों की मौत और कम से कम छह अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की खबर है।











