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India Richest Village: दुनिया का सबसे अमीर गांव है भारत में? लोगों के बैंक खातों में पड़ा है 5000 करोड़

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नेशनल डेस्क: जब भारत में अमीरी की बात आती है तो सबसे पहले मुंबई की गगनचुंबी इमारतें या दिल्ली के पॉश इलाके आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश का सबसे अमीर इलाका किसी महानगर में नहीं, बल्कि गुजरात के कच्छ जिले के एक छोटे से गांव में बसा है? यह गांव है – माधापार, जो आजकल देश-विदेश में चर्चा का केंद्र बन चुका है।

5,000 करोड़ की बचत… एक गांव में?
निवेश बैंकर सार्थक आहूजा की एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, माधापार गांव के निवासियों के बैंक खातों में कुल जमा राशि ₹5,000 करोड़ से भी अधिक है। हैरान कर देने वाली बात यह है कि यह पैसा किसी बड़े उद्योग या व्यापारिक समूह का नहीं, बल्कि सिर्फ गांववासियों की व्यक्तिगत और पारिवारिक बचत है। और यह आंकड़ा 17 अलग-अलग बैंक शाखाओं में जमा धन का योग है।

माधापार की लगभग 65% आबादी विदेशों में बस चुकी है – खासकर ब्रिटेन, अमेरिका, अफ्रीका और खाड़ी देशों में। लेकिन वहां कमाया गया धन आज भी गांव लौटता है। यह पैसा न सिर्फ परिवारों की जरूरतें पूरी करता है, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाता है।

हर परिवार के पास लाखों की बचत
माधापार में लगभग 7,600 परिवार हैं। यदि जमा राशि को परिवारों में बांटा जाए, तो औसतन प्रत्येक परिवार के पास ₹15-20 लाख की जमा पूंजी है। यह न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक अनोखा उदाहरण है, जहां एक गांव की आर्थिक स्थिति इतने बड़े स्तर पर मजबूत हो।
सिर्फ पैसा नहीं, एकता और उद्यम की ताकत
माधापार की तरक्की की कहानी केवल विदेशी धन पर आधारित नहीं है। यहां के निवासी – मुख्यतः पटेल और मिस्त्री समुदाय – व्यवसाय, निर्माण और अन्य क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से दक्ष रहे हैं। साथ ही, गांव के लोगों ने शिक्षा, सामाजिक कार्य और सामुदायिक विकास में भी लगातार निवेश किया है।

सिर्फ बचत नहीं, आत्मनिर्भरता का मॉडल
बैंक अधिकारियों के मुताबिक, ये आंकड़े पूरी तरह सत्यापित हैं और इसमें किसी कंपनी या कारोबारी फंड की गिनती नहीं की गई है। यह 100% घरेलू बचत का उदाहरण है।