गुजरात में एक बिल्डर को हनीट्रैप में फंसाकर करोड़ों की रंगदारी मांगी गई थी और इसका आरोप एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर कीर्ती पटेल पर लगा था। कीर्ति पिछले एक साल से फरार चल रही थी और वह जगह और सिम कार्ड बदल-बदलकर पुलिस को चकमा दे रही थी।
आखिरकार गुजरात पुलिस ने कीर्ती पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। बिल्डर से रंगदारी मांगने का मामला सूरत में 2 जून 2024 को दर्ज हुआ था। FIR में कीर्ति पटेल समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, चार आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी था और कीर्ती पटे फरार चल रही थी। कोर्ट ने उसके खिलाफ वारंट भी जारी कर रखा था।
कीर्ति पर लग चुका है हत्या के प्रयास का आरोप
शिकायत के बाद से ही कीर्ति पटेल फरार थी। पुलिस इन्फ्लुएंसर की तलाश में थी। मंगलवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर सूरत पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कीर्ति इंटरनेट की कंट्रोवर्सियल पर्सनैलिटी हैं। कई साल पहले कीर्ति पटेल पर हत्या के प्रयास के आरोप में भी लग चुके हैं। कीर्ति को 2020 में पुणे पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोप में सूरत से गिरफ्तार किया था। कीर्ति सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं। इंस्टाग्राम पर ही उनके एक मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं।
2020 में उन्हें रघु भारवाड़ उर्फ बोलियो से जुड़े एक हत्या के प्रयास के मामले से जोड़ा गया था, जिसने उन पर विवाद के बाद उन पर हमला करने और टिकटॉक पर सार्वजनिक रूप से उनका अपमान करने का आरोप लगाया था।
2020 में कीर्ति पटेल पर वन विभाग द्वारा 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, क्योंकि उन्होंने एक उल्लू को पकड़े हुए एक टिकटॉक वीडियो पोस्ट किया था, जो वन्यजीव कानून के तहत एक संरक्षित प्रजाति है।












