Punjabi News

US Cuba Conflict: अब क्यूबा पर हमला करेंगे राष्ट्रपति ट्रंप? सीनेट वोट में ट्रंप को मिला समर्थन, रोकने का प्रस्ताव गिरा

10

US Cuba Conflict: अमेरिका और क्यूबा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और क्यूबा के बीच 67 साल से से चला आ रहा तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। हाल की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के सीनेट में एक अहम वोटिंग हुई जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को क्यूबा के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए राजनीतिक समर्थन मिल गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान-इजरायल तनाव पहले से ही वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है।

सीनेट में विपक्ष द्वारा लाया गया एक प्रस्ताव, जिसका मकसद सैन्य कार्रवाई को रोकना था, 51-47 के अंतर से असफल हो गया। अधिकतर रिपब्लिकन सांसदों ने इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताते हुए राष्ट्रपति के पक्ष में मतदान किया। वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस कदम को संवैधानिक प्रक्रिया और कूटनीतिक संतुलन के खिलाफ बताया। हालांकि दो डेमोक्रेट सीनेटर मतदान में शामिल नहीं हुए, जिससे राजनीतिक समीकरण और जटिल हो गए।

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की हालिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि क्यूबा रूस और चीन के साथ अपने सैन्य सहयोग को बढ़ा रहा है, जिसे अमेरिका अपने लिए रणनीतिक खतरे के रूप में देख रहा है। इसी आधार पर राष्ट्रपति ट्रंप ने क्यूबा को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित किया है।

क्यूबा और अमेरिका के बीच यह टकराव नया नहीं है। अमेरिका-क्यूबा विवाद 67 साल पुराना है। इसकी जड़ें 1959 की क्यूबा क्रांति से जुड़ी हैं, जब फिदेल कास्त्रो ने अमेरिकी समर्थित सरकार को हटाकर कम्युनिस्ट शासन स्थापित किया था। इसके बाद अमेरिका ने 1960 में क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। शीत युद्ध के दौर में क्यूबा सोवियत संघ के करीब चला गया और 1962 के मिसाइल संकट ने दोनों देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया। इसके बाद अमेरिका ने क्यूबा पर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए और 1980 के दशक में उसे आतंकवाद समर्थक देश की सूची में भी शामिल किया गया।