Punjabi News

पंजाब पुलिस द्वारा पाकिस्तानी आईएसआई समर्थित मॉड्यूल का पर्दाफाश; पुलिस संस्थानों को निशाना बनाने की साजिश की नाकाम, खासा कैंट आईईडी धमाके संबंधी मामले को सुलझाया

9

चंडीगढ़/अमृतसर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रहे अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए, अमृतसर देहाती पुलिस ने पाकिस्तान आईएसआई-समर्थित गैर-कानूनी हथियार और विस्फोटक आपूर्ति नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस संस्थानों पर हमला करने की साजिश को नाकाम कर दिया है और मई 2026 में आर्मी छावनी खासा के नजदीक हुए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) धमाके संबंधी मामले को सुलझा लिया है। यह जानकारी आज यहां डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।

पुलिस टीमों ने दो आपस में जुड़े मामलों में कुल छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड और एक 9 एमएम पिस्तौल सहित पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस संस्थानों पर हमले की साजिश के संबंध में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान नवदीप सिंह निवासी फतेहगढ़ कोरोटाना, धर्मकोट, मोगा; सैमुअल उर्फ सामू तथा संदीप सिंह उर्फ टिड्डी दोनों निवासी मेनेवाला, मोगा के रूप में की गई है। खासा छावनी में आईईडी धमाके को अंजाम देने के लिए गिरफ्तार किए गए तीन गुर्गों की पहचान रमनदीप सिंह, जजप्रीत सिंह और अरशदीप सिंह उर्फ केकड़ा तीनों निवासी पुरानी दाना मंडी, अटारी, अमृतसर के रूप में की गई है।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि मुख्य जांच के दौरान इस मॉड्यूल के विदेशी तस्करों और आईएसआई के गुर्गों से कथित संबंध सामने आए हैं और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के साथ-साथ आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए, इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सीमा पार हैंडलरों की चालों से पुलिस संस्थानों पर हमला करके अमन-शांति भंग करने की साजिश रचने संबंधी केंद्रीय एजेंसियों से मिली भरोसेमंद जानकारी के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए अमृतसर देहाती पुलिस की टीमों ने एक मोटरसाइकिल को रोका और नवदीप सिंह को उसके साथियों सैमुअल उर्फ सामू और संदीप सिंह उर्फ टिड्डी सहित काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक हैंड ग्रेनेड और एक 9 एमएम पिस्तौल सहित पांच जिंदा कारतूस बरामद किए।

इस संबंध में, थाना घरिंडा में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं 3, 4 और 5 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत दिनांक 11.10.2026 को एफआईआर नंबर 441 दर्ज की गई है।

आईजीपी ने आगे बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान 5 मई 2026 की रात करीब 11 बजे कैंट खासा स्थित ब्रिगेड सिक्योरिटी की दीवार पर हुए आईईडी धमाके के मामले की गुत्थी भी सुलझा ली है। उन्होंने बताया कि इस अनसुलझे धमाके के मामले को सुलझाने के लिए, अमृतसर देहाती के एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चाहल ने एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था, जिसमें एसपी (जांच) रमनदीप सिंह, एसपी ऑपरेशंस गगनदीप सिंह, डीएसपी डिटेक्टिव गुरिंदरपाल सिंह नागरा और डीएसपी अटारी यादविंदर सिंह शामिल थे।

एसएसपी कंवलप्रीत चाहल ने बताया कि सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर मनमीत सिंह और घरिंडा थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह के नेतृत्व वाली टीमों द्वारा बारीकी से की गई जांच और तकनीकी ढंग से की गई ट्रैकिंग के कारण मुलजिम रमनदीप सिंह, जजप्रीत सिंह और अरशदीप सिंह उर्फ केकड़ा को सफलतापूर्वक काबू कर लिया गया है।

इस संबंध में, थाना घरिंडा में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं 3, 4 और 5 तथा गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13 के तहत दिनांक 06.05.2026 को एफआईआर नंबर 174 पहले ही दर्ज है।