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पराली के सुचारू प्रबंधन के लिए खरीदी 16 हज़ार से अधिक मशीनें; पंजाब के किसानों को 183 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी: गुरमीत खुड्डियां

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चंडीगढ़: पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज बताया कि सूबे के किसानों ने चल रहे खरीफ सीज़न के दौरान अब तक 16,227 फसली अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनें खरीदी हैं। इस बदलाव में सहृदय सहयोग देते हुए पंजाब सरकार ने सूबे भर में 10,000 से अधिक सीआरएम मशीनों की खरीद करने वाले किसानों को 183 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की है।

आज यहां एक बैठक के दौरान स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (कृषि) श्री अनुराग वर्मा के साथ, आगामी रबी बिजाई सीज़न के लिए विभाग की तैयारियों का जायज़ा लिया।

पर्यावरण-पक्षी कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि सीआरएम मशीनों की खरीद के लिए व्यक्तिगत तौर पर किसानों को 50 प्रतिशत और कस्टम हायरिंग सेंटरों (सीएचसी), एफपीओज़, सहकारी सभाओं तथा ग्राम पंचायतों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।

कृषि मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए 576 करोड़ रुपये की मज़बूत कार्य-योजना के अतिरिक्त इन ठोस प्रयासों के कारण पराली जलाने के मामलों में 90 प्रतिशत की कमी आई थी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में पराली जलाने के 49,922 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2025 में यह घटकर केवल 5,114 रह गए, जिससे पंजाब को फसली अवशेष प्रबंधन रणनीति के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।

किसान समुदाय से फसलों के अवशेष जलाने से परहेज़ करने की अपील करते हुए स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किसानों से पर्यावरण की रक्षा, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को सुरक्षित रखने तथा कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सीआरएम मशीनों का उपयोग करके वैज्ञानिक अवशेष प्रबंधन अपनाने की अपील की।

खाद आपूर्ति स्थिति का जायज़ा लेते हुए स. खुड्डियां ने कृषि विभाग के अधिकारियों को सूबे भर में खादों की समय पर और सुचारू उपलब्धता तथा खादों के साथ टैगिंग की प्रथा को सख़्ती से रोकने के निर्देश दिए और साथ ही सभी किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादों तक निर्विघ्न पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी अनियमितताओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने किसानों से मिट्टी की सेहत बनाए रखने तथा डीएपी पर अधिक निर्भरता घटाने के लिए टीएसपी, एनपीके और एसएसपी जैसे वैकल्पिक खादों का उपयोग करके संतुलित पोषक प्रबंधन अपनाने की भी अपील की।

कृषि मंत्री को जानकारी दी गई कि सूबे के पास सीज़न के लिए 3.92 लाख मीट्रिक टन से अधिक यूरिया और 5 लाख मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक उपलब्ध है। कृषि विभाग के निदेशक गुरजीत सिंह बराड़ ने मंत्री को भरोसा दिलाया कि विभाग द्वारा रबी सीज़न के लिए खादों की समय पर और निर्विघ्न आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के पास यह मामला सक्रिय रूप से उठाया जा रहा है।