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‘गैंगस्टरां ते वार’: अफ्रीका से पहली सफल डिपोर्टेशन कार्रवाई के तहत पंजाब पुलिस भगोड़े गैंगस्टर गुरविंदर अफरीदी को इथियोपिया से भारत वापस लाई

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— 10 महीने तक चले बहु-महाद्वीपीय अभियान के तहत बड़ी सफलता; 30 से अधिक आपराधिक मामलों में वांछित डोनी बल्ल-प्रभ दासूवाल गैंग का मुख्य सरगना इथियोपिया में काबू: डीजीपी गौरव यादव

— रेड कॉर्नर नोटिस, इंटरपोल के सात संदर्भों और बहु-एजेंसी समन्वय से गुरविंदर अफरीदी को भारत वापस लाना संभव हुआ; आरोपी हत्या के पांच मामलों में था वांछित: डीजीपी गौरव यादव

— ‘ऑपरेशन शाहिद’ के तहत गैंगस्टर को इथियोपिया से भारत वापस लाने से पहले पंजाब पुलिस चार देशों में उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी; गैंगस्टर की गिरफ्तारी संबंधी सूचना देने के लिए पांच लाख रुपये का इनाम रखा गया था: डीजीपी गौरव यादव

— ‘ऑपरेशन शाहिद’ के तहत 10 महीने तक चला बहु-महाद्वीपीय अंतरराष्ट्रीय अभियान सफलतापूर्वक संपन्न

— डीजीपी पंजाब ने एजीटीएफ और ओएफटीईसी की टीमों की सराहना की; उचित सहयोग के लिए विदेश मंत्रालय और केंद्रीय एजेंसियों का किया धन्यवाद

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत शुरू किए गए अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने काउंटर इंटेलिजेंस के ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) के साथ निकट समन्वय और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से भगोड़े गैंगस्टर गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से सफलतापूर्वक भारत डिपोर्ट लाया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।

डोनी बल्ल-प्रभ दासूवाल गैंग का मुख्य सरगना गुरविंदर उर्फ अफरीदी, जिसकी गिरफ्तारी संबंधी सूचना देने वाले के लिए पंजाब सरकार ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था, विदेश में बैठकर पंजाब में लक्षित हत्याओं, फिरौती के लिए गोलीबारी की घटनाओं और संगठित आपराधिक नेटवर्क चलाने जैसी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। उक्त आरोपी हत्या के पांच मामलों, हत्या के प्रयास, फिरौती और शस्त्र अधिनियम के तहत विभिन्न अपराधों सहित 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था।

पंजाब पुलिस मुख्यालय (पीपीएचक्यू) में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस अवसर पर स्पेशल डीजीपी एजीटीएफ प्रमोद बान और स्पेशल डीजीपी काउंटर इंटेलिजेंस अमित प्रसाद भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि किसी अफ्रीकी देश से भगोड़े अपराधी को भारत वापस लाने की पंजाब पुलिस की यह अब तक की पहली कार्रवाई है, जिससे राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान में एक बड़ी सफलता जुड़ गई है।

उन्होंने कहा, “यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन शाहिद’ की सफलता को दर्शाती है। यह खुफिया सूचनाओं पर आधारित 10 महीने तक चला अंतरराष्ट्रीय अभियान था, जिसके तहत लगातार निगरानी, खुफिया जानकारी एकत्र करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ निकट समन्वय के माध्यम से एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कई देशों में भगोड़े अपराधियों का पता लगाने के प्रयास किए गए।”

उल्लेखनीय है कि ‘ऑपरेशन शाहिद’ काउंटर इंटेलिजेंस विंग के आईजीपी एवं ओएफटीईसी प्रमुख आशीष चौधरी की निगरानी में चलाया गया, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय समन्वय और अनुवर्ती प्रयासों का नेतृत्व किया। इस अभियान की कमान एजीटीएफ/ओएफटीईसी ऑपरेशंस के एसपी विक्रमजीत सिंह बराड़ के पास थी।

अभियान का विवरण साझा करते हुए डीजीपी ने बताया कि आरोपी गुरविंदर अफरीदी 31 मार्च, 2025 को मुंबई हवाई अड्डे से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) फरार हो गया था। इस उद्देश्य के लिए उसने गोरखपुर के एक निवासी के विवरण के आधार पर फर्जी तरीके से 12 फरवरी, 2025 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से बनवाए गए जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था।

उन्होंने बताया कि आरोपी समय-समय पर विभिन्न महाद्वीपों में छिपकर कानून लागू करने वाली एजेंसियों को लगातार चकमा देता रहा। शुरुआत में यूएई में छिपने के बाद आरोपी गुरविंदर अफरीदी ने इस्तांबुल के रास्ते मैक्सिको भागने का प्रयास किया, लेकिन उसे वापस यूएई भेज दिया गया। इसके बाद वह अप्रैल 2026 में केन्या, जून 2026 में अंगोला और नवंबर 2026 में इथियोपिया पहुंच गया।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब पुलिस ने गुरविंदर अफरीदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। इसके साथ ही उसकी फर्जी पहचान और गतिविधियों के संबंध में समय-समय पर केंद्रीय एजेंसियों के साथ जानकारी साझा की गई थी। पुलिस ने उसके खिलाफ इंटरपोल के सात संदर्भ भी जारी करवाए थे। एजेंसियों की निरंतर कार्रवाई के परिणामस्वरूप उसे 6 नवंबर, 2026 को इथियोपिया में हिरासत में ले लिया गया और अब उसे भारत डिपोर्ट लाया गया है।

पंजाब पुलिस ने उसे नई दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे पंजाब लाया जा रहा है।

डीजीपी पंजाब ने एजीटीएफ और ओएफटीईसी की टीमों के अथक प्रयासों की सराहना की और इस डिपोर्टेशन को सुनिश्चित करने के लिए निर्बाध अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रदान करने पर विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय तथा केंद्रीय खुफिया एवं जांच एजेंसियों का धन्यवाद किया।

उल्लेखनीय है कि आरोपी गुरविंदर अफरीदी पंजाब में पांच सनसनीखेज हत्याओं के मामलों में वांछित था। इनमें सरपंच राजविंदर उर्फ राज तलवंडी की हत्या (अक्टूबर 2024), 12 वर्षीय लड़के गुरसेवक सिंह की हत्या (मार्च 2025), विक्की चुघ की हत्या (मार्च 2025), जसवंत सिंह की हत्या (मई 2025) और कांग्रेस के ब्लॉक प्रधान गुरमेल सिंह की हत्या (सितंबर 2025) शामिल हैं।