चंडीगढ़, 18 मई- आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता नील गर्ग ने भ्रष्टाचार पर नकेल कसने में मान सरकार की उपलब्धियों का राजनीतिकरण करने के लिए विपक्षी नेताओं की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बेहद निराशाजनक है कि विपक्ष भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर भी तुच्छ राजनीति कर रहा है।
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और अकाली नेता बिक्रम मजीठिया के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए नील गर्ग ने कहा कि मैं हैरान हूं कि विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता इतने निचले स्तर की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले को उजागर करने और उसका समाधान करने में सरकार की कार्रवाई की सराहना करने के बजाय वे आधारहीन बातें कर रहे हैं।
उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस घोटाला सामने आने के तुरंत बाद मान सरकार द्वारा उच्च अधिकारियों को निलंबित करने की अभूतपूर्व कार्रवाई पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि दबाव या प्रभाव के आगे झुके बिना ऐसे निर्णायक और निडर कदम उठाए गए हैं। भ्रष्टाचारियों को पनाह देने वाली पिछली सरकारों के विपरीत, आप सरकार उनपर लगातार कारवाई कर रही है।
गर्ग ने कहा कि पुलिस जांच के दौरान निर्दोष पाए जाने वाले अधिकारी को बहाल किया जाना साधारण प्रक्रिया है। इससे सरकार की निष्पक्षता और पारदर्शिता साबित होती है। उन्होंने कहा, “मान सरकार का सिद्धांत स्पष्ट है – नशा या भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुसार काम करना।
उन्होंने पंजाब में 32 बमों के प्रवेश के मुद्दे पर भी विपक्षी नेता बाजवा की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बाजवा अपने पिछले बयान के समर्थन में अभी तक कोई सबूत नहीं दे सके हैं। उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने इरादे स्पष्ट करने चाहिए।
नील गर्ग ने शिअद नेता बिक्रम मजीठिया पर भी निशाना साधा और उन्हें सलाह दी कि ऐसे आरोप लगाने से पहले खुद से जुड़े मुद्दों को सुलझाएं।
गर्ग ने सवाल करते हुए कहा कि कानून के अनुसार प्रथम दृष्टया आरोपियों के मामले की जांच की जाती है, गिरफ्तारी की जाती हैं और दोषी पाए जाने पर दंडित किया जाता है। पूरी न्याय प्रक्रिया इसी तरह काम करता है और इस मामले में सरकार ने भी ऐसा ही किया है, इसमें राजनीति कहां है?
जबकि विपक्षी दलों ने तो अपने शासनकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस भी नहीं दिखाया। वहीं आप सरकार में जब भी कोई भ्रष्टाचार की बात संज्ञान में आई, हमने तत्काल कार्रवाई की, यहां तक कि कई उच्च अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।ऐसी हिम्मत पिछली सरकारों के पास नहीं थी।
















