क्या आपको ‘वेलकम’ फ़िल्म का बल्लू याद है, जिसने “मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था” और “मेरी एक टांग नकली है” वाला डायलॉग मशहूर कर दिया था? कैंसर से बहादुरी से लड़ने के बाद इस प्यारे एक्टर का दुखद निधन हो गया है।
‘मुझसे शादी करोगी’, ‘वॉन्टेड’, ‘ओह माय गॉड!’, ‘स्त्री’ और ‘गदर 2’ जैसी फ़िल्मों में अपने किरदारों के लिए मशहूर मुश्ताक खान ने गुरुवार (24 सितंबर) को 56 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। उनके निधन से हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में एक खालीपन आ गया है। आज मुंबई में मुश्ताक का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें फ़िल्म जगत के कई करीबी दोस्त और साथी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
लंबे समय से कैंसर से लड़ रहे थे मुश्ताक खान
एक्टर को करीब पांच साल पहले कैंसर का पता चला था। इलाज के बाद वे ठीक हो गए थे, लेकिन हाल ही में बीमारी फिर से लौट आई, जिससे उनकी सेहत बिगड़ गई। इसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी थी। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनका इलाज चल रहा था।
मुंबई में हुआ मुश्ताक खान का अंतिम संस्कार
कैंसर से जूझने के बाद 56 साल की उम्र में मुश्ताक खान का निधन हो गया। खबरों के मुताबिक, बीमारी के दोबारा उभरने के बाद यह अनुभवी एक्टर दो हफ़्ते से ज़्यादा समय से अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन से उनके फ़ैंस, दोस्त और चाहने वाले बहुत दुखी हैं।
शुक्रवार सुबह मुंबई में दिवंगत एक्टर का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के लिए वर्सोवा मुस्लिम कब्रिस्तान ले जाने से पहले उनके पार्थिव शरीर को आखिरी दर्शन के लिए उनके घर पर रखा गया था। शुक्रवार की नमाज़ से पहले जनाज़े की नमाज़ अदा की गई।
फिल्म इंडस्ट्री से कई मशहूर हस्तियां और करीबी दोस्त इस चहेते एक्टर को श्रद्धांजलि देने और आखिरी विदाई देने पहुंचे। संजय मिश्रा और राजपाल यादव उन्हें आखिरी सम्मान देने आए। सुलभ आर्या, अनंग देसाई, शरद मल्होत्रा, अरुणा ईरानी और अन्य लोग भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
बड़े पर्दे से लेकर छोटे पर्दे तक निभाए कई यादगार किरदार
हिंदी सिनेमा और टेलीविज़न, दोनों में काम करने वाले इस एक्टर को उनकी अलग-अलग तरह की भूमिकाओं और यादगार सपोर्टिंग किरदारों के लिए जाना जाता था। अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ की फिल्म ‘वेलकम’ (2007) में एक दिव्यांग हॉकी खिलाड़ी का किरदार निभाकर वे खास तौर पर मशहूर हुए। इस फिल्म में उनका डायलॉग, “मेरी एक टांग नकली है,” बहुत लोकप्रिय हुआ और इसने दर्शकों के दिलों में उनके लिए एक खास जगह बनाने में मदद की।
कई दशकों के अपने करियर में, मुश्ताक खान ने कई तरह की फिल्मों और टेलीविज़न शो में काम किया और अक्सर कई कलाकारों वाली फिल्मों में भी अपनी छाप छोड़ी।
मुश्ताक खान ने 1980 में अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है से स्क्रीन पर डेब्यू किया और चार दशकों से अधिक का करियर बनाया। यादगार सहायक भूमिकाओं के जरिए वह हिंदी सिनेमा में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए। उनकी फिल्मोग्राफी में आशिकी, दिल है कि मानता नहीं, सड़क, हम हैं राही प्यार के, राजा, हेरा फेरी, गदर: एक प्रेम कथा और जोड़ी नंबर 1 समेत कई अन्य शामिल हैं। आशिकी में रफू मास्टर और हम हैं राही प्यार के में भगवती प्रसाद मिश्रा की भूमिका निभाने के बाद उन्हें प्रसिद्धि मिली।
हालांकि, कई फ़ैन्स मुश्ताक को हमेशा अनीस बज़्मी की फ़िल्म ‘वेलकम’ (2007) में उनके रोल के लिए याद रखेंगे। उन्होंने उदय शेट्टी (नाना पाटेकर) के गैंग के एक सदस्य का रोल निभाया था और एक छोटे से सपोर्टिंग रोल को फ़िल्म के सबसे यादगार कॉमिक सीन में बदल दिया था।
अपनी छोटी लेकिन यादगार भूमिकाओं के ज़रिए मुश्ताक ने कई पीढ़ियों के दर्शकों का मनोरंजन किया और उनके दिलों में अपने लिए एक खास जगह बनाई।




















