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लखनऊ अग्निकांड: 15 बच्चों की मौ’त से दहला प्रदेश, योगी सरकार का कड़ा एक्शन; बिल्डिंग मालिक गिरफ्तार, 4 सस्पेंड

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नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार दोपहर हुए एक भीषण अग्निकांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। एक तीन मंजिला इमारत में चल रहे एनीमेशन कोचिंग सेंटर में लगी इस भीषण आग में अब तक 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।

जान बचाने के लिए ऊंचाई से कूदे मासूम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ने देखते ही देखते इतना विकराल रूप ले लिया कि कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे बच्चों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। जान बचाने के लिए कुछ लोग इमारत की ऊंचाई से नीचे कूद गए, जबकि कुछ ने पाइप के सहारे उतरकर अपनी जान बचाई। केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने पुष्टि की है कि अस्पताल लाए गए 15 लोग मृत अवस्था में थे। वर्तमान में दो घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें से एक की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है।

मुख्यमंत्री ने रद्द किए दौरे, मुआवजे का ऐलान
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंगलवार के हाथरस और आगरा के दौरे रद्द कर दिए हैं। उन्होंने एक उच्चस्तरीय बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

SIT करेगी जांच, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार की यह टीम 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। शुरुआती जांच में फायर सेफ्टी मानकों की गंभीर अनदेखी की बात सामने आ रही है।
बिल्डिंग मालिक और संचालक गिरफ्तार, अधिकारियों पर गिरी गाज
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए बिल्डिंग मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और कोचिंग सेंटर संचालक तुषार कृष्णा जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

वहीं, प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबित होने वालों में एक्सईएन गौरव कुमार, एफएसएसओ कमलेन्द्र कुमार सिंह, एई अनिल कुमार और जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं। इस हादसे ने एक बार फिर शहर के कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।