चंडीगढ़: शिक्षा विभाग ने शिक्षण और गैर शिक्षण कर्मचारियों के सीसीएल (चाइल्ड केयर लीव) मामलों को लेकर मार्च 2026 में जारी उस आदेश को वापस ले लिया है जिसके तहत ऐसे मामलों को जिला उपायुक्त की अनुशंसा के बाद मुख्यालय भेजना अनिवार्य किया गया था। उस समय इस व्यवस्था का उद्देश्य पूरे राज्य में एक समान प्रक्रिया अपनाना, मामलों की उच्च स्तर पर निगरानी करना और महत्वपूर्ण निर्णयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना था।
हालांकि व्यवहारिक स्तर पर इस प्रक्रिया के कारण मामलों के निपटारे में अतिरिक्त समय लगने की संभावना रहती थी। जिला स्तर पर तैयार फाइलों को मुख्यालय भेजना, वहां से जांच और मंजूरी की प्रतीक्षा करना ऐसे मामलों के समाधान को लंबा बना देता था।
अब जारी हुए नए आदेश के तहत मुख्यालय को अनिवार्य रूप से फाइल भेजने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसका सीधा असर यह होगा कि संबंधित मामलों में जिला स्तर पर ही आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकेंगे। इससे अधिकारियों को अधिक अधिकार और लचीलापन मिलेगा। इसके साथ ही कर्मचारियों को भी फैसलों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था में सीसीएल की प्रक्रिया कर्मचारियों के लिए ज्यादा सरल बनेगी।
















