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हरियाणा के युवक की यूरोप में मौत, माँ ने रिश्तेदारों से कर्ज़ लेकर भेजा था विदेश, पिता की पहले मौत हो चुकी

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हरियाणा के जींद जिले के एक 22 साल के युवक की यूरोप में डूबने से मौत हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ बीच पर घूमने के लिए मॉल्डोवा गया था, तभी अचानक उसकी नाव पलट गई। समुद्र में डूबने से उसकी जान चली गई। वह नौ महीने पहले स्टडी वीजा पर यूरोप गया था।

पढ़ाई के साथ-साथ वह वहां एक होटल में पार्ट-टाइम डिलीवरी बॉय का काम करता था। युवक के परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है, इसलिए उसे विदेश भेज दिया गया था ताकि वह पढ़ाई के साथ-साथ काम करके घर पैसे भेज सके। युवक के पिता की सात साल पहले मौत हो गई थी। उसकी मां ने अपने इकलौते बेटे को विदेश भेजने के लिए रिश्तेदारों से पैसे उधार लिए थे। अब उसका शव 10 लाख रुपये खर्च करके गांव लाया गया है। शव आने पर उसकी बड़ी बहन ने अंतिम संस्कार किया और चिता को मुखाग्नि दी।

चांदपुर गांव के रहने वाले निहाल सिंह (22) करीब नौ महीने पहले स्टडी वीजा पर विदेश गए थे। वह मॉल्डोवा के चिशिनाउ सिटी में रहकर होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा था।। पढ़ाई के साथ-साथ वह एक होटल में पार्ट-टाइम डिलीवरी बॉय का काम भी करते थे। उनके परिवार को उम्मीद थी कि उनकी पढ़ाई और कमाई से उनकी और उनके परिवार की माली हालत सुधरेगी।

उनके चचेरे भाई प्रवीण कुमार के मुताबिक, निहाल को विदेश भेजने में परिवार ने करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे। उनकी मां सुनीता देवी के पास जरूरी पैसे नहीं थे, इसलिए रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से रकम इकट्ठा की गई। बॉडी को भारत वापस लाने में और 10 लाख रुपये खर्च हुए, जिसका कुछ हिस्सा परिवार और बाकी लोगों ने दिया।

प्रवीण ने बताया कि निहाल 31 जुलाई को अपने दोस्तों के साथ घूमने गए थे। टूर पर जाते समय, मॉल्डोवा से गुजरने वाली निस्ट्रू रिवर में एक हादसे में उनकी मौत हो गई। उनकी बॉडी को भारत वापस लाने में 17 दिन लग गए। गांव में शव पहुंचते ही परिवार में दुख की लहर दौड़ गई।

निहाल के पिता कृष्ण कुमार की सात साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी मां सुनीता देवी ने दोनों बच्चों को पाला-पोसा; वह घर के पास ही किराने की दुकान चलाती हैं। निहाल परिवार का अकेला कमाने वाला था और उसकी मौत से परिवार को बहुत बड़ा सदमा लगा है।