दिल्ली की वायु गुणवत्ता के ‘गंभीर’ (severe) श्रेणी में पहुँचने के बाद, ‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) ने दिल्ली-NCR में तत्काल प्रभाव से ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) के तीसरे चरण (Stage III) को लागू कर दिया है। इन उपायों में पार्किंग शुल्क बढ़ाना, सड़कों की सफाई में तेज़ी लाना, पानी का छिड़काव करना और प्रदूषण नियंत्रण नियमों को सख्ती से लागू करना शामिल है। साथ ही, अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने और निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
GRAP 3 क्या है?
जब AQI ‘क्रिटिकल’ (401-450) स्तर पर पहुँच जाता है, तब GRAP 3 लागू किया जाता है। इसके तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए और भी सख्त उपाय अपनाए जाते हैं। इनमें शामिल हैं:
निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक: गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को इससे छूट दी गई है।
वाहनों पर पाबंदी: दिल्ली और NCR क्षेत्रों (जिसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा शामिल हैं) में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों के चलने पर रोक रहेगी।
डीजल जनरेटर पर पाबंदी: केवल जरूरी कामों के लिए ही डीजल जनरेटर चलाने की अनुमति होगी।
मशीनों से सड़कों की सफाई: धूल को उड़ने से रोकने के लिए सड़कों की मशीनी सफाई और पानी के छिड़काव को बढ़ाया जाएगा।
सार्वजनिक परिवहन नीति: सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ाया जाएगा। साथ ही, भीड़भाड़ कम करने के लिए अलग-अलग तरह की किराया दरें (differential pricing) लागू की जा सकती हैं।
GRAP के अन्य चरण
GRAP प्रणाली चार चरणों में काम करती है:
चरण I (AQI 201-300): इसमें मशीनों से सड़कों की सफाई, निर्माण स्थलों पर धूल को नियंत्रित करना और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की सघन जांच जैसे उपाय शामिल हैं।
चरण II (AQI 301-400): सड़कों की सफाई को और बढ़ाना, वायु प्रदूषण को कम करने के लिए विशेष कदम उठाना और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में वृद्धि करना।
चरण IV (AQI > 450): इसमें सख्त पाबंदियां लगाई जाती हैं, जैसे ट्रकों की आवाजाही पर रोक, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर प्रतिबंध, और कार्यालयों में उपस्थिति को घटाकर 50% करना।
दिल्ली में किन वाहनों को प्रवेश करने की अनुमति है?
संशोधित GRAP नियमों पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, लागू नियमों और छूटों के अधीन,
निम्नलिखित वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति है:
BS-VI मानकों वाले वाहन
CNG वाहन
इलेक्ट्रिक वाहन
वे वाहन जिन्हें आधिकारिक तौर पर छूट प्राप्त है
जहाँ भी लागू हो, वहाँ एक वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट’ (PUCC) होना भी आवश्यक है। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे दिल्ली की यात्रा करने से पहले यह जांच लें कि उनका वाहन प्रवेश के योग्य है या नहीं।
संशोधित प्रतिबंध 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेंगे। इनका उद्देश्य सर्दियों के प्रदूषण के मौसम में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करना है।
1 नवंबर से लागू होने वाली वाहनों के प्रवेश संबंधी पाबंदियों से कुछ मालवाहक वाहनों को छूट दी गई है। इनमें दिल्ली में पंजीकृत कमर्शियल मालवाहक वाहन, और BS-VI डीजल, CNG, LNG या बिजली से चलने वाले पात्र मालवाहक वाहन शामिल हैं। दिल्ली में पंजीकृत बसों को भी छूट मिली हुई है। हालाँकि, जब भी GRAP का कोई विशेष चरण लागू होता है, तो मालवाहक वाहनों पर उस चरण के अनुसार पाबंदियाँ बनी रहती हैं।





















