Punjabi News

Bengaluru: कैब ड्राइवर ने पत्नी-सास समेत ससुराल के 7 सदस्यों को उतारा मौत के घाट, शवों को अलग-अलग जगहों पर फेंका; जानें पुरा मामला

10

बेंगलुरु से एक चौंकाने वाली सामूहिक हत्या का मामला सामने आया है, जहाँ एक कैब ड्राइवर ने घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी और उसके परिवार के 7 लोगों की हत्या कर दी। आरोपी की पहचान इंदु शेखर के रूप में हुई है । पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उससे इन हत्याओं के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

बताया जा रहा है कि यह घटना राजाजीनगर इलाके में हुई, लेकिन इस खौफनाक वारदात का खुलासा गुरुवार देर रात तब हुआ, जब पुलिस ने श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक गुमशुदगी की शिकायत के सिलसिले में आरोपी से पूछताछ की।

पुलिस के मुताबिक, शेखर की शादी करीब 20 साल पहले सुनीता से हुई थी। दोनों के बीच सुनीता के मायके जाने को लेकर अक्सर विवाद होता था। सुनीता की मां और भाई भी उसका साथ देते थे।

शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी अपनी पत्नी सुनीता के बर्ताव और उसके अपने मायके वालों के साथ लगातार मेल-जोल रखने को लेकर नाराज था। उसे लगता था कि जब भी वह अपनी पत्नी के बारे में अपनी सास और साले-सालों से शिकायत करता था, तो वे उसी का पक्ष लेते थे। इसी नाराजगी के चलते उसने अपनी पत्नी और उसके परिवार के 7 सदस्यों की हत्या करने की साजिश रची। इस मामले की आगे की जांच के लिए DCP (पश्चिम) के नेतृत्व में तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं।

बेंगलुरु सामूहिक हत्याकांड: सात पीड़ित कौन हैं?

जानकारी के अनुसार, आरोपी द्वारा कथित तौर पर मारे गए सात पीड़ितों में उसकी पत्नी, सास, दो साले, उनकी पत्नियां और सात साल का एक बच्चा शामिल हैं।

मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:

सुनीता, आरोपी की पत्नी।
रूपावती, उसकी सास।
शिवकुमार और शंकर, उसके साले।
दिव्या और नलिनी, दोनों सालों की पत्नियां।
पुनीत, शिवकुमार का सात साल का बेटा।

पुलिस हर हत्या से जुड़ी परिस्थितियों और जिस क्रम में ये कथित हत्याएं की गईं, उसकी जांच कर रही है।

सालों को पार्टी के बहाने बुलाया और फिर कर दी हत्या

जानकारी के अनुसार, आरोपी ने इन हत्याओं की पहले से योजना बनाई थी और उन्हें अलग-अलग चरणों में अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि उसने सबसे पहले अपनी पत्नी सुनीता की घर में सिलबट्टे से हत्या की और शव को कपड़े में लपेटकर नंदी हिल्स के पास फेंक दिया। इसके बाद उसने सुनीता का मोबाइल बंद कर दिया और पड़ोसियों को बताया कि वह घूमने गई है।

अगले दिन उसने दोनों सालों को पार्टी देने के बहाने अपने घर बुलाया। उनके आने के बाद, उसने दोनों की हत्या कर दी। इसके बाद उसने उनकी पत्नियों, अपनी सास और सात साल के बच्चे को भी अपना निशाना बनाया।

जांचकर्ताओं को शक है कि हत्या के लिए पत्थर के सिल-बट्टे का इस्तेमाल किया गया होगा। हालांकि, हत्या में इस्तेमाल किए गए असली हथियार और मारने के तरीके का अभी तक पक्के तौर पर पता नहीं चल पाया है।

अलग-अलग जगहों पर शव फेंके, सबूत मिटाने के लिए रसायनों का किया इस्तेमाल

आरोप है कि हत्याओं के बाद, आरोपी ने शवों को अपनी कार में रखा और उन्हें अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगा दिया। पुलिस को यह भी शक है कि उसने घटनास्थल से खून के धब्बे हटाने और सबूत मिटाने के लिए रसायनों का इस्तेमाल किया। जांचकर्ता आरोपी की गतिविधियों, उन जगहों की जांच कर रहे हैं जहां शव फेंके गए हो सकते हैं, और वहां पीछे छूटे संभावित सबूतों का पता लगा रहे हैं।

लापता व्यक्ति की शिकायत से सामने आया खौफनाक अपराध

यह मामला तब सामने आया जब श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में एक व्यक्ति के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने अलग-अलग बयान दिए, जिससे जांचकर्ताओं को शक हुआ।

आगे की पूछताछ में कथित तौर पर सात हत्याओं का खुलासा हुआ। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने सात लोगों की हत्या करने की बात कबूल कर ली है। हालांकि, अब तक केवल एक शव बरामद हुआ है। नंदी हिल्स की तलहटी के पास लगभग चार घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने सात साल के पुनीत का शव बरामद किया है।

बाकी छह शवों का पता लगाने के लिए अलग-अलग जगहों पर तलाशी अभियान जारी है। पुलिस ने बताया कि वे आरोपी से पूछताछ भी कर रहे हैं, ताकि घटनाओं के पूरे क्रम का पता लगाया जा सके और उसके कबूलनामे की पुष्टि की जा सके। जांच चल रही है, और अधिकारी अभी तक इन कथित हत्याओं से जुड़ी सभी परिस्थितियों का पता नहीं लगा पाए हैं।