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अदालत का बड़ा फैसला, CJM कोर्ट में लंबित अशोक खेमका से जुड़े मामलों पर रोक…जानिए क्यों

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पंचकूला : जिला एवं सत्र न्यायालय, पंचकूला ने पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका और अधिवक्ता रवींद्र कुमार से जुड़े दो आपराधिक मामलों में एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। जिला अदालत ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM), पंचकूला को इन मामलों में फिलहाल कोई भी आदेश पारित करने से रोक दिया है। यह अंतरिम आदेश 1 जून 2026 को एक ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया।

क्या है पूरा मामला?
अधिवक्ता रवींद्र कुमार ने जिला एवं सत्र न्यायालय में एक याचिका दायर कर मांग की थी कि वर्तमान में सीजेएम कोर्ट में लंबित दो आपराधिक मामलों को किसी अन्य सक्षम अदालत में स्थानांतरित (Transfer) किया जाए। ये मामले 26 अप्रैल 2022 को दर्ज की गई एफआईआर नंबर 170 और 171 से संबंधित हैं। याचिका पर विचार करते हुए सत्र न्यायालय ने अगली सुनवाई तक सीजेएम कोर्ट की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है।

याचिका के दस्तावेजों के अनुसार, यह विवाद हरियाणा राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (HSWC) से जुड़ा है। निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक (MD) संजीव वर्मा ने अशोक खेमका के खिलाफ यह आपराधिक मामला दर्ज कराया था।शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2014 में जब अशोक खेमका हरियाणा राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक पद पर तैनात थे, तब उन्होंने मैनेजर ग्रेड-2 के पदों पर कथित रूप से नियमों को ताक पर रखकर अनियमित नियुक्तियां की थीं।

इस मामले में अब जिला एवं सत्र न्यायालय के इस रुख के बाद सीजेएम कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। अदालत अब इस बात पर फैसला करेगी कि इन मामलों को किसी अन्य कोर्ट में ट्रांसफर किया जाना चाहिए या नहीं।