नेशनल डेस्क: दिल्ली की सीएम गुप्ता ने अपनी सरकार के साथ राजधानी में 1 साल पूरा कर लिया है। यह साल सरकार के लिए बेमिसाल रहा है। सरकार ने बीते 365 दिनों का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए अपनी उपलब्धियों के बारे में जानकारी साझा की है। इसी के साथ सीएम ने विश्वास दिलाया है कि जहाँ पहला साल दिल्ली की कार्यशैली बदलने का था, वहीं अगले चार साल शहर की सूरत बदलने वाले साबित होंगे।
बुनियादी ढाँचे और परिवहन में हुआ बड़ा बदलाव
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए एक साल के भीतर सड़कों पर 4,000 नई इलेक्ट्रिक बसें उतारी गई हैं। इसके साथ ही, यमुना पार क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए ‘यमुना पार विकास बोर्ड’ का पुनर्गठन कर 700 करोड़ रुपये का विशेष फंड जारी किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी सरकार ने कदम बढ़ाते हुए 37 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जन-कल्याणकारी योजनाओं पर भी दिया ज़ोर
सरकार की प्राथमिकताओं को गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला-
सस्ता भोजन: दिल्ली में 70 अटल कैंटीन के माध्यम से मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
डिजिटल शिक्षा: सरकारी स्कूलों को हाईटेक लैब और आधुनिक डिजिटल उपकरणों से लैस किया गया है।
सुगम उत्सव: त्योहारों के आयोजन के लिए ‘सिंगल विंडो’ अनुमति प्रणाली लागू की गई है।
स्वास्थ्य सेवा: आयुष्मान योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा सुनिश्चित की गई है।
क्षेत्रीय विकास और बुनियादी समस्याएँ
सांसद मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए वजीराबाद मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘जगतपुर वजीराबाद’ करने और सोनिया विहार व कावड़ रोड के चौड़ीकरण जैसे स्थानीय मुद्दों के समाधान की सराहना की। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं में नहीं बल्कि धरातल पर काम कर रही है और 5 साल बाद अपने कार्यों के आधार पर ही जनता के बीच जाएगी। इस दौरान दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा, महापौर राजा इकबाल सिंह और कई अन्य विधायक व पदाधिकारी भी मौजूद रहे।














