हिमाचल डेस्क। चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर हुए हैंड ग्रेनेड हमले के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू का रहने वाला रूबल चौहान भी शामिल है। जाँच में सामने आया है कि यूपीएससी (UPSC) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी कर रहा यह युवक ‘चिट्टे’ (सिंथेटिक ड्रग्स) के नशे की लत के कारण अपराध की दुनिया में जा फंसा।
नशे ने बिगाड़ा भविष्य
रूबल चौहान एक अच्छे पारिवारिक पृष्ठभूमि से संबंध रखता है; उसके दादा संसद भवन में कार्यरत रहे हैं और पिता दिल्ली में व्यवसायी हैं। रूबल खुद चंडीगढ़ में रहकर प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस पूछताछ में रूबल ने स्वीकार किया कि वह हमले में शामिल गिरोह के सदस्यों के साथ नशा करता था। नशे की इसी जरूरत ने उसे आतंकियों और अपराधियों के संपर्क में ला दिया।
कैसे हुआ हमला?
यह घटना 1 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5 बजे हुई थी। मोटरसाइकिल पर आए दो हमलावरों ने भाजपा मुख्यालय के पास पार्किंग एरिया में कम तीव्रता का ग्रेनेड फेंका। हालांकि इस हमले में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन वहां खड़े कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हमलावरों ने दहशत फैलाने के लिए इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल किया था।
आतंकी कनेक्शन और गिरफ्तारियां
मोहाली काउंटर इंटेलिजेंस, चंडीगढ़ और हरियाणा पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर रेवाड़ी से दो मुख्य आरोपियों, गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया है।
अब तक की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में रूबल चौहान समेत बलविंदर लाल, जसवीर सिंह, चरणजीत सिंह और मंदीप को भी गिरफ्तार किया है। फिलहाल सभी आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हैं, जिनसे इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और भविष्य की साजिशों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
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