Punjabi News

भाजपा और चुनाव आयोग का चुनावी धोखाधड़ी पर पक्ष बेनकाब हुआ: वड़िंग

197

कहा: राहुल गांधी ने पेश किए पुख्ता सबूत

अमृतसर : पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा है कि राहुल गांधी द्वारा पुख्ता सबूत पेश करने के बाद, चुनावी धोखाधड़ी पर भारतीय जनता पार्टी और भारत के चुनाव आयोग का पक्ष पूरी तरह से बेनकाब हो गया है।

यहां स्थानीय सांसद गुरजीत सिंह औजला, हरप्रताप सिंह अजनाला, डॉ. राज कुमार वेरका और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ यहाँ एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए, वड़िंग ने इस बात का पूरा ब्यौरा दिया कि कैसे भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करके चुनावी धोखाधड़ी का सहारा ले रही है और चुनाव जीत रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव चोरी के अनोखे और नए तरीके लेकर आई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पार्टी ने चार महीने के अंतराल में लगभग एक करोड़ वोट जोड़े। वहीं दूसरी ओर, बिहार में उसने 60 लाख से ज़्यादा वोट काटे हैं।

उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का हवाला देते हुए, कहा कि दलितों और अल्पसंख्यकों को उनके मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया गया है, क्योंकि भाजपा का मानना है कि वे उसकी पार्टी को वोट नहीं देंगे।

उन्होंने बताया कि लोकसभा में बुरी तरह हारने के बाद, महाराष्ट्र में उसने चार महीनों के भीतर लगभग एक करोड़ मतदाताओं को जोड़ने की एक अनोखी और अलग रणनीति अपनाई। उन्होंने कहा कि इसका नतीजा यह हुआ कि लोकसभा चुनावों में पूरी तरह से जीत हासिल करने वाली भाजपा ने विधानसभा चुनावों में शुद्ध धोखाधड़ी से जीत हासिल की।

उन्होंने कहा कि अब भाजपा बिहार में इसके विपरीत रणनीति अपना रही है। महाराष्ट्र में जहाँ उसने एक करोड़ मतदाता जोड़े, वहीं पर अब बिहार में उसने लगभग 60 लाख मतदाताओं को हटा दिया है।

उन्होंने खुलासा किया कि ये मतदाता दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और मजदूर वर्ग से हैं। इन्हें इसलिए हटाया गया है, क्योंकि भाजपा जानती है कि दलित और अल्पसंख्यक भाजपा को वोट नहीं देते, इसलिए उन्हें मतदाता सूची से हटाना ही बेहतर है।

उन्होंने दावा किया कि अब भाजपा की पोल खुल गई है। उन्होंने बताया कि कैसे राहुल गांधी ने ग्राफिक विवरण के साथ साबित किया कि कैसे भाजपा ने कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में एक लाख फर्जी मतदाताओं को शामिल किया था। इसी तरह, बेंगलुरु सेंट्रल संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस विधानसभा क्षेत्र से भाजपा को 1.16 लाख वोटों की बढ़त मिली थी। जिससे पार्टी ने वह सीट मात्र 32 हज़ार वोटों से जीती थी। अगर भाजपा ने फ़र्ज़ी वोट न बनाए होते, तो वह इस सीट पर बुरी तरह हार जाती।

वड़िंग ने कहा कि महादेवपुरा तो बस एक उदाहरण है, क्योंकि देश भर में ऐसे कई संसदीय क्षेत्र हैं, जहाँ भाजपा ने इसी तरह की धोखाधड़ी से जीत हासिल की है।

उन्होंने राहुल गांधी का हवाला देते हुए कहा कि मोदी अपने सहयोगियों के थोड़े से बहुमत से प्रधानमंत्री हैं। अगर वह 25 सीटें और हार जाते, तो आज प्रधानमंत्री नहीं होते। जबकि सच्चाई यह है कि उन्होंने महादेवपुरा में की गई धोखाधड़ी जैसी कम से कम 70 सीटें जीती हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अब भाजपा बिहार में भी यही चाल अलग तरीके से चल रही है। उन मतदाताओं को हटा रही है, जिनके बारे उसे लगता है कि वे भाजपा को वोट नहीं देंगे।

बिहार में विशेष स्पैशल इंटेंसिव रिवीजन का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि लोगों से ऐसे दस्तावेज़ मांगे जा रहे हैं, जो एक महीने की छोटी अवधि में हासिल करना मुश्किल है। इन दस्तावेज़ों में जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र या सरकारी पहचान पत्र शामिल हैं। जिन्हें चुनाव आयोग निवास और पहचान के प्रमाण के तौर पर मांग रहा है।