कांग्रेस समेत 19 विपक्षी पार्टियां 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में मार्च निकालेंगी। 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग का घेराव किया जाएगा। यह फैसला बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDIA ब्लॉक बैठक में लिया गया।
इंडिया गठबंधन ने बुधवार (30 सितंबर) को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR में गड़बड़ी को लेकर विरोध में कई कार्यक्रमों की घोषणा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि विपक्षी पार्टियां 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक “लोकतंत्र बचाओ” मार्च निकालेंगी, 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे और 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली होगी।
खड़गे ने बताया कि बैठक में 20 पार्टियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसमें शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्चुअल रूप से शामिल हुए। खड़गे ने कहा कि नेता इस लड़ाई को “एकजुट होकर और दृढ़ता से” लड़ने पर “पूरी तरह सहमत” हुए। उन्होंने कहा, “चर्चा कम से कम तीन से साढ़े तीन घंटे तक चली, जिसमें सभी ने हिस्सा लिया। इस लड़ाई को एकजुट होकर और दृढ़ता से लड़ने पर सबकी सहमति बनी। राहुल गांधी और ममता बनर्जी दोनों ने बहुमूल्य सुझाव दिए और यहां मौजूद सभी पार्टियों के नेताओं ने अपनी राय रखी। मुझे खुशी है कि सभी एकजुटता और मजबूती के साथ यह लड़ाई लड़ने पर सहमत हुए।”
2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च
खरगे ने कहा कि विपक्ष 2 से 8 अक्टूबर तक ज़िला स्तर पर “लोकतंत्र बचाओ” मार्च निकालेगा और ज़िला मजिस्ट्रेट के दफ़्तरों के बाहर प्रदर्शन करेगा, ताकि लोगों को विपक्ष के इस अभियान के कारणों के बारे में बताया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के सभी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। खरगे ने कहा, “हम आज ही जाना चाहते थे, लेकिन हमने 6 अक्टूबर की तारीख तय की ताकि सभी सांसदों को इकट्ठा करके प्रदर्शन को ठीक से आयोजित किया जा सके। हम यह मार्च राज्यसभा और लोकसभा के उन सभी सदस्यों के साथ करेंगे – चाहे वे किसी भी पार्टी के हों – जो देश में लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं।”
खरगे ने कहा कि विपक्ष के नेता अक्टूबर के दूसरे हफ़्ते में भारत के राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपने के लिए समय भी मांगेंगे।
उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन पांच बड़ी रैलियां करेगा, जिनकी तारीखों और जगहों का ऐलान बाद में किया जाएगा। 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली होगी, जिसमें खड़गे द्वारा बताए गए “वोटों की चोरी” और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों को उजागर किया जाएगा।
खड़गे ने बताया- INDIA ब्लॉक वोट चोरी के खिलाफ क्या करेगा
खड़गे ने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ आम लोग, युवा, INDIA गठबंधन, NGO और एकता और लोकतंत्र के लिए काम करने वाले संगठनों को जुटाया जाएगा।
- 2-8 अक्टूबर: जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ और DM ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किए जाएंगे।
- 6 अक्टूबर: सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च निकालेंगे। इसे आज ही करना चाहते थे, लेकिन सभी को 6 तारीख को बुलाने का फैसला किया गया है।
- अक्टूबर का दूसरा हफ्ता: विपक्षी नेता भारत के राष्ट्रपति से मुलाका का समय (अपॉइंटमेंट) मांगेंगे।
- विपक्ष की 5 बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी।
करीब 3 घंटे चली बैठक में 3 बातों पर सहमति बनी
1. CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाया जाए।
2. वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों को सार्वजनिक किया जाए। नाम हटाने से पहले वोटर को नोटिस और अपील का मौका मिले।
3. EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।
बैठक के बाद खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी- शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग को कठपुतली बना दिया है। भाजपा चुनाव आयोग के साथ वोट चोरी कर रही है।


















