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India July Inflation: खाने-पीने की चीजों की कीमतों ने बढ़ाई चिंता, जुलाई में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45 % पर पहुंची

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नई दिल्ली: खाना पकाने से लेकर रोज़मर्रा की ज़रूरतों तक, महंगाई का दबाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। सरकार के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, देश में खुदरा महंगाई दर जुलाई में बढ़कर 4.45 प्रतिशत हो गई, जबकि जून में यह 4.38 प्रतिशत थी। हालांकि यह दर विशेषज्ञों के 4.50 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ी कम है, लेकिन यह रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों में बढ़ोतरी है।

खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई दर जून में 5.32 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 5.52 प्रतिशत हो गई। इसका असर शहरों के मुकाबले गांवों में ज़्यादा दिखा, जहां खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई दर 5.79 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरी इलाकों में यह 5.05 प्रतिशत थी। खासकर सब्ज़ियों और मसालों की कीमतों ने लोगों के बजट पर बुरा असर डाला है। प्याज़ की महंगाई दर 4.73 प्रतिशत से बढ़कर 22.54 प्रतिशत हो गई। लहसुन की कीमतों में महंगाई 35.36 प्रतिशत और अदरक में 83.62 प्रतिशत तक पहुंच गई। हालांकि, आलू 16.56 प्रतिशत सस्ता हुआ है। भिंडी, मटर और टमाटर की कीमतों में भी कुछ कमी दर्ज की गई।

महंगाई का असर सिर्फ़ खाना पकाने तक ही सीमित नहीं रहा है। ट्रांसपोर्ट, होटल और रेस्तरां, पर्सनल केयर, शिक्षा और दूसरी सेवाओं की कीमतें भी बढ़ी हैं। रेस्तरां और रहने-सहने से जुड़ी सेवाओं में महंगाई 7.72 प्रतिशत रही। कपड़े और जूते-चप्पल 3.38 प्रतिशत, शिक्षा 3.64 प्रतिशत और स्वास्थ्य सेवाएं 1.34 प्रतिशत महंगी हुईं। इस तरह, महंगाई का बढ़ता दबाव आम परिवारों के मासिक बजट के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।