बिजनेस डेस्कः पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। इसके साथ ही एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेतों ने भी घरेलू बाजार में कमजोरी बढ़ाई।
शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स लगभग 800 अंक फिसल गया, जबकि निफ्टी 23,300 के स्तर से नीचे आ गया। सुबह 09:30 बजे तक, सेंसेक्स 73,860.65 (1.06% नीचे) और निफ्टी 23,268.20 (0.92% नीचे) पर कारोबार कर रहे थे। इस दबाव में BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक गिर गया यानी निवेशकों की दौलत मार्केट खुलते ही ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक घट गई है।
शेयर बाजार में गिरावट के 6 बड़े कारण….
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ईरान-अमेरिका तनाव और इजराइल द्वारा लेबनान पर जारी हमलों के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 1% बढ़कर $97 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। होर्मुज स्ट्रेट, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, उसके बंद होने की आशंका ने ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ा दी है।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और विदेशी मुद्रा बाजार में सतर्कता के चलते रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे गिरकर 95.50 पर आ गया है। विश्लेषकों का मानना है कि ऊंचा आयात बिल और महंगाई भारत के लिए बड़ी चुनौतियां हैं।
विदेशी निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने ₹8,363 करोड़ के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। इससे पहले 29 मई को ₹22,102 करोड़ की भारी बिकवाली देखी गई थी।
आईटी (IT) शेयरों में गिरावट
पिछले सत्रों में जबरदस्त तेजी के बाद, निवेशकों ने आईटी शेयरों में मुनाफावसूली (Profit booking) की है। निफ्टी आईटी इंडेक्स, जो मंगलवार को 4% उछला था, उसमें आज गिरावट देखी गई जिससे पूरे बाजार का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ।
आर्थिक विकास और मुनाफे पर दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार, धीमी आर्थिक विकास दर और बढ़ती महंगाई के कारण वित्त वर्ष 2027 में भारतीय कंपनियों के मुनाफे की रफ्तार धीमी रह सकती है। हालांकि, घरेलू रिटेल निवेशकों का लगातार निवेश और बाजार में भरोसा एक राहत की बात बनी हुई है।
बॉन्ड यील्ड में वृद्धि
वैश्विक अनिश्चितता के बीच US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई है, जिससे बॉन्ड निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो गए हैं और इक्विटी बाजारों पर दबाव बढ़ा है। 10-साल के अमेरिकी नोट पर यील्ड बढ़कर 4.457% हो गई है।
निवेशकों की दौलत में कमी
इस गिरावट की वजह से शेयर बाजार की वैल्यूएशन में 4,47,165.35 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। एक दिन पहले बीएसई का वैल्यूएशन 4,62,67,787.61 करोड़ रुपए था, जोकि करीब 20 मिनट के भीर 4,58,20,622.26 करोड़ रुपए पर आ गया। इसका मतलब है कि निवेशकों को मोटा नुकसान हो चुका है।

















