मुंबई. एक्ट्रेस मनीषा कोइराला अपने जमाने की खूबसूरत एक्ट्रेसेस में से एक हैं। हालांकि, अब वह बढ़ती उम्र के साथ अपनी नेचुरैलिटी को खुलकर अपना रही हैं। 55 साल की उम्र में मनीषा अपने सफेद होते बालों को खुलकर फ्लॉन्ट कर रही हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने अपने सफेद बालों के साथ फोटोशूट भी करवाया था, जिसकी तस्वीरों ने खूब चर्चा बटोरी थी। वहीं, अब हाल ही में उन्होंने अपने सफेद बालों को कलर न करने पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
हाल ही में मीडिया के साथ बातचीत में मनीषा कोइराला ने कहा कि अब वह किसी तय खूबसूरती के दायरे में फिट होने की कोशिश नहीं कर रहीं। उनके लिए ये बदलाव अचानक नहीं आया, बल्कि धीरे-धीरे उनके अंदर एक सोच विकसित होती गई।
उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने असली रूप में रहना ज्यादा अच्छा लगता है और यही उन्हें सुकून देता है।
मनीषा का मानना है कि खूबसूरती का दायरा बढ़ना चाहिए, सिमटना नहीं। उन्होंने कहा- मुझे उम्मीद है कि यह लोगों को याद दिलाएगा कि उम्र के साथ-साथ ग्रेस और मजबूती और गहरी होती जाती है। हां, दबाव तो होता है, लेकिन मैंने उसके साथ समझौता कर लिया है। जो चीज मेरे लिए बनी है, वह मुझे मिल ही जाएगी और मैं गलत वजहों से लोगों की स्वीकार्यता पाने के बजाय असली बने रहना ज्यादा पसंद करूंगी।’
इससे पहले ईद के मौके पर अपनी तस्वीर शेयर कर मनीषा ने लिखा था- ‘कुछ दिन ऐसे होते हैं जब चमकने के लिए किसी वजह की जरूरत नहीं होती। बस अपनी पसंदीदा ज्वेलरी और एक खुश दिल ही काफी होता है।’
मनीषा कोइराला ने साल 1991 में हिंदी फिल्म ‘सौदागर’ से हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया था। आखिर में उन्होंने कहा कि उनकी यह सोच निजी जिंदगी की चुनौतियों से बहुत ज्यादा प्रभावित है। बीते कुछ साल में ओवेरियन कैंसर के साथ उनकी लड़ाई भी शामिल है। पहले, यह बाहरी चीजों से जुड़ा था। अब यह पूरी तरह से अंदरूनी और निजी है। यह शांति, मजबूती और दयालुता के बारे में है। मेरे लिए यही असली खूबसूरती है।’















