Punjabi News

वड़िंग ने चीमा की डोप टैस्ट चुनौती स्वीकार की पूछा- सिर्फ कांग्रेस, अकाली नेता ही क्यों, आम आदमी पार्टी का भी क्यों नहीं टैस्ट

80

चंडीगढ़, 9 जून: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आज वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की चुनौती स्वीकार करते हुए सुझाव दिया है कि कांग्रेस और अकाली नेताओं को डोप टेस्ट करवाना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने खेद जताया कि चीमा मामले को गंभीरता से लेने की बजाय राजनीतिकरण करने और आरोप लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वे चीमा साहब के सुझाव का स्वागत करते हैं, लेकिन सवाल यह है कि सिर्फ अकाली और कांग्रेस नेताओं का ही डोप टेस्ट क्यों होना चाहिए, आम आदमी पार्टी के नेताओं का भी क्यों नहीं?
उन्होंने सुझाव दिया कि सभी राजनीतिक नेताओं को समय-समय पर डोप टेस्ट करवाना चाहिए और इसमें शराब भी शामिल होनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने हर नेता और जनप्रतिनिधि का समय-समय पर डोप टेस्ट करवाने के लिए कानून बनाने का सुझाव दिया।
इस क्रम में, लंबी और मुक्तसर क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों के लोगों से बातचीत के दौरान अफीम की खेती की अनुमति देने के अपने सुझाव का जिक्र करते हुए, वड़िंग ने कहा कि उन्हें बताया गया कि यहां ‘सिंथेटिक ड्रग’ की लत ज्यादा नहीं है, क्योंकि लोग सीमावर्ती राजस्थान में लाइसेंसी दुकानों से अफीम खरीदते हैं और यह सिंथेटिक ड्रग से कहीं कम हानिकारक है।
उन्होंने कहा कि यह स्वीकारयोग्य तथ्य है कि अफीम सिंथेटिक ड्रग से कम खतरनाक है। उन्होंने कहा कि नशा एक वास्तविकता है और इसे खत्म करना चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि सिर्फ 9000 मामले दर्ज करने या छोटे तस्करों के कुछ घरों को गिराने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य से नशा खत्म करने के लिए तय की गई समय सीमा 31 मई के बाद ड्रग ओवरडोज से करीब 8 या 9 मौतें होने की खबरें आई हैं।
उन्होंने कहा कि कनाडा और अमेरिका के कई राज्यों ने भांग को वैध कर दिया है। उन्होंने सवाल किया कि भारत में अफीम जैसी पारंपरिक चीजों को अनुमति देने पर बहस क्यों नहीं हो सकती। जबकि नशे के आदी लोगों को दी जाने वाली नशा मुक्ति की गोलियां भी इतनी नशीली होती हैं कि उनसे छुटकारा पाना आम नशे की तरह ही मुश्किल होता है।
इसी तरह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ द्वारा पंजाब के हित में सभी अकाली धड़ों को एकजुट होने के सुझाव के बारे में पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में वड़िंग ने दावा किया कि अकाली और भाजपा पहले ही गुप्त समझौता कर चुके हैं। लेकिन दोनों पार्टियों को पंजाब की जनता ने नकार दिया है और उनके पास कोई मौका नहीं है।
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या अकाली-भाजपा गठबंधन से कांग्रेस की संभावनाओं पर असर पड़ेगा, तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी गठबंधन को हरा चुकी है। साथ ही उन्होंने आगे कहा कि अब वे सरकार बनाने के लिए नहीं बल्कि सरकार बचाने के लिए लड़ रहे हैं।
लुधियाना पश्चिम उप चुनाव पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस रिकॉर्ड अंतर से जीतेगी और इतिहास रचेगी। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी आप द्वारा सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के मुद्दे के अलावा कांग्रेस को वास्तव में वहां किसी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस आप और अन्य पार्टियों को धूल चटा देगी।