मामले की विजिलेंस और सीबीआई जांच की मांग उठाई।
चंडीगढ़: आज चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ कांग्रेस प्रवक्ता टीना चौधरी और होशियारपुर से पंजाब किसान यूनियन के प्रधान चरणजीत सिंह बराड़ ने वेऱका मिल्क फेड में किसानों को सब्सिडी पर दिए जाने वाले पशु चारे के बीज में करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया।
नेताओं ने कहा कि वर्ष 2025 में वेऱका मिल्क फेड द्वारा किसानों को 30 प्रतिशत सब्सिडी पर हाईब्रिड मक्की का बीज उपलब्ध करवाने के लिए टेंडर जारी किए गए थे। यह टेंडर मानसा की फर्म नव-दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी को दिया गया। आरोप है कि फर्म ने केवल बीजों के बिल दिए, जबकि वास्तविक रूप से बीज की सप्लाई नहीं की गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया गया कि एक बंद पड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी की फर्जी बिल्टियों का इस्तेमाल कर यह दिखाया गया कि बीज वेऱका के गोदामों तक पहुंचा दिए गए। इसके बाद वेऱका मिल्क प्लांट होशियारपुर ने इन फर्जी बिलों को अपने रिकॉर्ड में दर्ज कर विभिन्न दुग्ध एवं पशु केंद्रों में वितरित दिखा दिया। आगे इन केंद्रों से बीजों की सप्लाई वेऱका सोसायटियों तक दिखाकर पूरा रिकॉर्ड तैयार किया गया, जबकि असल में किसानों तक कोई बीज नहीं पहुंचा।
टीना चौधरी और चरणजीत सिंह बराड़ ने आरोप लगाया कि किसानों को उनके दूध की पेमेंट नकद देकर वाउचर पर हस्ताक्षर करवाए गए और बाद में रिकॉर्ड में दिखाया गया कि किसानों ने चारे का बीज खरीद लिया है तथा उसकी राशि उनके दूध के बिलों से काट ली गई है। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए किसानों और वेऱका को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
उन्होंने कहा कि वेऱका की आंतरिक जांच में भी इस घोटाले का उल्लेख किया गया था, लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। नेताओं ने आरोप लगाया कि बड़े अधिकारियों की मिलीभगत के कारण मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
टीना चौधरी और चरणजीत सिंह बराड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष विजिलेंस जांच और सीबीआई जांच करवाई जाए ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।










