‘वोट चोरी’ के आरोपों और वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर INDIA ब्लॉक के नेताओं से मिलने से इनकार करने के एक दिन बाद, सोमवार को भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाज़े सभी के लिए खुले हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि वे विपक्षी गठबंधन से क्यों नहीं मिल सके।
उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, “मुझे रविवार को विपक्ष का मीटिंग के अनुरोध के बारे में एक पत्र मिला था और मैंने कल रात ही उसका जवाब देते हुए उन कारणों को बता दिया था जिनकी वजह से मैं मिल नहीं पाऊंगा।”
उन्होंने कहा कि, “सुप्रीम कोर्ट के दरवाज़े सभी के लिए खुले हैं। किसी भी आम नागरिक या चुने हुए निकाय के सदस्य की याचिका का स्वागत है। हर भारतीय नागरिक को कोर्ट जाने का अधिकार है, याचिका दायर करने का अधिकार है। कोर्ट उनकी चिंताओं को सुनेंगे और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह करेंगे।”
पत्र में क्या लिखा था, इस सवाल पर CJI ने कहा, “यह आप विपक्षी सांसदों से पूछिए।”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच CJI कांत से मिलने का समय मांगा था, लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इसी तरह के मामले सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक प्रक्रिया के तहत विचाराधीन हैं।
गांधी और खड़गे ने CJI कांत को लिखे पत्र में कहा कि वे एक ज्ञापन सौंपना चाहते हैं, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के देशव्यापी ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) को रोकने और कथित ‘वोट चोरी’ को खत्म करने की मांग की गई है।
अब गांधी, INDIA ब्लॉक के दूसरे नेताओं के साथ मिलकर, विपक्ष का ज्ञापन कांत को सौंपने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं। उनके साथ समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत विपक्ष के अन्य नेता भी शामिल हो सकते हैं।


















