· किसानों की मदद न करने के लिए आप सरकार को ठहराया जिम्मेदार
· बताया, हरियाणा और राजस्थान को मिली रियायतें, पंजाब को नहीं
· कहा, इस साल खरीद पिछले साल की तुलना में कम
· याद दिलाया, कांग्रेस सरकार में किसानों को मंडियों में 24 घंटे भी इंतजार नहीं करना पड़ता था
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आज आम आदमी पार्टी सरकार से सवाल किया कि क्या राज्य के किसान इस साल अपनी गेहूं बेच पाएंगे, क्योंकि खरीद एजेंसियां अज्ञात कारणों से इसे खरीदने में हिचकिचा रही हैं।
वडिंग ने खुलासा किया कि उन्हें राज्य भर से ऐसी रिपोर्टें मिली हैं कि खरीद एजेंसियां विभिन्न बहानों के चलते गेहूं खरीदने से बच रही हैं। इसके चलते अधिकतर किसान मंडियों में फंसे हुए हैं क्योंकि उन्हें अपनी फसल के लिए कोई खरीदार नहीं मिल रहा।
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल में कुछ समस्याएं आई हैं। उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य बात है और पहले राज्य सरकारें केंद्र सरकार के साथ मिलकर इस मुद्दे को सुलझा लेती थीं। इसके तहत खरीद एजेंसियों को अनावश्यक आपत्तियां न उठाने के निर्देश दिए जाते थे।
उन्होंने बताया कि पड़ोसी राज्यों हरियाणा और राजस्थान को खरीद संबंधी विभिन्न मानकों में पहले ही छूट मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने उठाने वाला कोई नहीं है, जिसके कारण एजेंसियों को मानकों में ढील देने के निर्देश नहीं मिले। नतीजतन किसान अपनी फसल बेचने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और कई दिनों से मंडियों में फंसे हुए हैं।
पीसीसी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जहां एक ओर केंद्रीय एजेंसियां कुछ मानकों के कारण खरीद में देरी कर रही हैं, वहीं राज्य एजेंसियां भी गेहूं खरीदने से बच रही हैं क्योंकि भंडारण के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि यह आप सरकार की एक और विफलता को दर्शाता है, जिसने समय रहते खरीद की तैयारी सुनिश्चित नहीं की। उन्होंने इसे जिम्मेदार लोगों की गंभीर और आपराधिक लापरवाही बताया।
वडिंग ने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकारों के दौरान किसानों को अपनी गेहूं और धान बेचने के लिए 24 घंटे से अधिक इंतजार नहीं करना पड़ता था और उन्हें समय पर भुगतान भी मिल जाता था। उन्होंने कहा कि यह सब पहले से उचित तैयारी और योजना के कारण संभव होता था, जिसमें आप सरकार पूरी तरह विफल रही है।












