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ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भगवंत मान सरकार द्वारा बस स्टैंडों, तहसीलों, डी.सी. और एम.सी. कार्यालयों में 100 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा संचालित कैंटीन शुरू की जाएंगी: हरपाल सिंह चीमा

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चंडीगढ़: जमीनी स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण और जनहितैषी शासन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भगवंत मान सरकार राज्य के प्रमुख सार्वजनिक संस्थानों में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा संचालित 100 कैंटीन शुरू कर रही है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के स्थायी अवसर पैदा करना और आम नागरिकों को सस्ता, स्वच्छ, घर जैसा तथा पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा महिला दिवस समारोहों के दौरान किया गया एक महत्वपूर्ण वादा भी पूरा होता है।

इस ऐतिहासिक परियोजना का उद्घाटन करते हुए और इस पहल का विस्तृत विवरण साझा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य स्तरीय यह पहल सामाजिक-आर्थिक बदलाव का एक सशक्त माध्यम बनेगी। राज्य सरकार और पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा पंजाब रोडवेज के बस स्टैंडों, तहसीलों, डी.सी. और एम.सी. कार्यालयों, विभागीय मुख्यालयों तथा राज्य भर के प्रमुख सार्वजनिक संस्थानों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित 100 कैंटीन स्थापित की जा रही हैं।”

स्वयं सहायता समूहों को दी जा रही संचालन संबंधी सहायता के बारे में विस्तार से बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “इन कैंटीनों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार सरकारी कार्यालयों में मुफ्त जगह, बिजली और पानी की सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। इन इकाइयों के सुचारू संचालन को आसान बनाने के लिए रसोई का सामान और बर्तन भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।”

कौशल विकास और गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में उन्होंने कहा, “पीएसआरएलएम द्वारा स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों को 7 से 10 दिनों का पेशेवर रसोई एवं कैंटीन प्रबंधन प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए जिला स्तर के होटल प्रबंधन कॉलेजों के साथ सहयोग किया जा रहा है। हम सेक्टर-33, चंडीगढ़ स्थित वित्त एवं योजना भवन में एक पायलट कैंटीन के माध्यम से इस मॉडल की सफलता पहले ही देख चुके हैं। मोहाली आधारित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा संचालित यह कैंटीन सफलतापूर्वक ताजा नाश्ता, दोपहर का भोजन और 26 व्यंजनों वाला मेन्यू परोस रही है।”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “इस पहल का 100 स्थानों तक विस्तार करके हम पूरे पंजाब की ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का एक स्थायी ईकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं। इससे हजारों महिलाओं के लिए सम्मानजनक और नियमित रोजगार सुनिश्चित होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि लाखों आम नागरिकों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सके।”

इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) आलोक शेखर, सचिव (ग्रामीण विकास) अर्शदीप थिंद, संयुक्त विकास आयुक्त (ग्रामीण विकास) शीना अग्रवाल, निदेशक (खजाना एवं लेखा) अरविंद कुमार एम.के., अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्रामीण विकास) रुपाली टंडन और सदस्य (पी.डी.सी.) वैभव महेश्वरी भी उपस्थित थे।