श्रीनगर ( मीर आफताब ) : पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद को निशाना बनाकर किए गए भीषण आत्मघाती हमले ने पूरे दक्षिण एशिया को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुए इस विस्फोट में 30 से अधिक नमाज़ियों की मौत हो गई, जबकि सैंकड़ों लोग घायल हुए। इस हमले के बाद कश्मीर घाटी में लोग सड़कों पर उतर आए, जहां शिया समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए हमले की कड़ी निंदा की है।
बता दे कि कब पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक शिया मस्जिद के अंदर एक आत्मघाती हमलावर द्वारा खुद को उड़ाने की घटना हुई, जिसमें 30 से ज़्यादा नमाज़ियों की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे कश्मीर में कई विरोध प्रदर्शन हुए। जानकारी के अनुसार, शिया समुदाय के सदस्यों ने बारामूला, श्रीनगर और बांदीपोरा में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए और पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शिया नमाज़ियों पर हुए हमले की निंदा की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शन चैनाबल पट्टन (बारामूला), इमामबाड़ा ज़दीबल, हरवान (श्रीनगर), इंदरकोट-सुंबल (बांदीपोरा) और डायवर परिहासिपोरा में हुए।
प्रदर्शनकारियों ने “पाकिस्तान मुर्दाबाद” और “हुकूमत-ए-पाकिस्तान मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए।
इस बीच, भारत ने इस्लामाबाद की मस्जिद में हुए बम धमाके की निंदा की और इसमें हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया। बयान में कहा गया है, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने सामाजिक ताने-बाने को खराब करने वाली समस्याओं को गंभीरता से हल करने के बजाय, पाकिस्तान अपनी घरेलू बुराइयों के लिए दूसरों को दोष देकर खुद को धोखा दे रहा है।” इसमें आगे कहा गया है, “भारत ऐसे किसी भी आरोप को खारिज करता है, जो जितना आधारहीन है, उतना ही बेकार भी है।”
गौरतलब है कि इस्लामाबाद में शुक्रवार की नमाज के दौरान एक मस्जिद में हुए विस्फोट में कम से कम 31 लोग मारे गए और 169 घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि शहर के तरलाई इलाके में शिया मस्जिद के गेट के पास पहुंचने के बाद एक आत्मघाती हमलावर ने एक डिवाइस में विस्फोट कर दिया, जबकि चश्मदीदों ने बताया कि धमाके से पहले गोलियों की आवाज़ सुनाई दी थी।









