Jharkhand student protest: लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) और कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि वे भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर राज्य भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों से ‘व्यक्तिगत रूप से’ मिलें। उन्होंने कहा कि इस कदम से छात्रों की बाकी चिंताओं को दूर करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मज़बूत करने में मदद मिलेगी।
बता दे कि झारखंड में कांग्रेस, सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है।
राहुल गांधी ने सोरेन को लिखे एक पत्र में युवाओं को भारत का भविष्य बताया और कहा कि उनकी पार्टी उनके साथ खड़ी है। उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री से प्रदर्शनकारियों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने को कहा।
राहुल ने कहा कि कांग्रेस शांतिपूर्ण विरोध में विश्वास रखती है और संविधान के तहत छात्रों को ऐसा करने का अधिकार है। इसलिए, पार्टी ने पिछले कुछ महीनों से पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों को लेकर विरोध कर रहे छात्रों को अपना पूरा समर्थन देने का फैसला किया है।
राहुल ने अपने पत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संगठनों ने भारत की शिक्षा व्यवस्था पर ‘कब्ज़ा’ कर लिया है और इसे छात्रों के ‘शोषण और दमन’ का ज़रिया बना दिया है।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली से लोकसभा सांसद ने कहा, “यह अब वैसी मज़बूत ज्ञान प्रणाली नहीं रही जैसी एक दशक पहले हुआ करती थी। जैसा कि आप जानते हैं, झारखंड में छात्र राज्य भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ भी विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका विरोध शांतिपूर्ण रहा है और उनकी माँगें जायज़ हैं।”
राहुल ने कहा, “मैं इस बात की सराहना करता हूँ कि झारखंड सरकार ने आपके द्वारा गठित एक समिति के ज़रिए उनसे बातचीत शुरू की है। मेरा मानना है कि छात्रों की कई माँगों पर सहमति भी बनी है। हालाँकि, विरोध-प्रदर्शन जारी है और कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।”
सोरेन को राहुल का यह पत्र ऐसे समय में मिला है जब विरोध-प्रदर्शन सोमवार को 24वें दिन में प्रवेश कर गया। राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों को बातचीत के एक और दौर के लिए आमंत्रित किया है और भरोसा दिलाया है कि उनकी माँगों पर विचार किया जा रहा है। छात्रों ने कहा है कि वे बैठक में शामिल होंगे, लेकिन वे इस बात पर अड़े हुए हैं कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों और JSSC-CGL परीक्षाओं को रद्द करने के मामले की केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से जाँच होनी ही चाहिए।

















