सिरसा (सतनाम सिंह): बेहतरीन ग्लोबल रैंकिंग, वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक शिक्षण प्रणाली और रिकॉर्ड-तोड़ प्लेसमेंट ही किसी विश्वस्तरीय संस्थान की असली पहचान होते हैं। ऐसे में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने क्यूएस वल्र्ड सब्जैक्ट रैंकिंग्स-2026 में ग्लोबल स्तर पर अपना लोहा मनवाया है, जिसमें चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने कंप्यूटर साइंस और इन्फॉर्मेशन सिस्टम, इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और मैकेनिकल, ऐरोनॉटिकल और मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग जैसे तीन मुख्य विषयों में बढ़त के साथ दुनिया की टॉप 300 यूनिवर्सिटीयों में अपनी जगह बनाई है।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल संस्थान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती साख को दर्शाती है, बल्कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और इनोवेशन के प्रति इसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह विचार हरियाणा के जिला सिरसा में रखी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रो. (डॉ.) आर.एस. बावा ने व्यक्त किए।
प्रो. (डॉ.) बावा ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सब्जेक्ट रैंकिंग में अपनी स्थिति को दुगनी से अधिक मजबूती दी है। वर्ष 2025 सब्जेक्ट रैंकिंग में शामिल केवल 5 विषयों से क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट रैंकिंग 2026 में यह संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी दुनिया की शीर्ष 1 प्रतिशत यूनिवर्सिटियों में शामिल हो गई है। जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान और प्रतिष्ठा और भी सुदृढ़ हुई है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रो. (डॉ.) आर.एस. बावा ने बताया कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स बाय सब्जेक्ट्स 2026 में यूनिवर्सिटी ने कुल 11 प्रमुख विषयों कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम्स, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, एरोनॉटिकल एंड मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग, केमिस्ट्री, बिजनेस मैनेजमेंट, केमिकल इंजीनियरिंग, बायोलॉजिकल साइंसेज, एनवायरनमेंटल साइंसेज, मैथेमेटिक्स, फिजिक्स और इकोनॉमिक्स में शानदार प्रदर्शन किया है।
उन्होंने बताया कि क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट रैंकिंग 2026 में यूनिवर्सिटी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन उसके द्वारा हासिल किए गए टॉप स्कोर्स पर आधारित है। ये स्कोर्स अकादमिक रेपुटेशन, एम्प्लायर रेपुटेशन, साइटेशन पैर पेपर, एच-इंडेक्स तथा इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क जैसे पाँच क्वालिटी इंडिकेटर्स में मिले हैं। यह यूनिवर्सिटी की अकादमिक उत्कृष्टता, एम्प्लॉयर्स में यूनिवर्सिटी की स्थिति, प्रभावी रिसर्च और गुणवत्ता, विद्वत्तापूर्ण कार्यों और प्रभाव तथा और रिसर्च पार्टनरशिप के लिए किसी संस्थान की वैश्विक भागीदारी का मूल्यांकन करता है।
प्रोफेसर (डॉ.) बावा ने कहा कि होनहार लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर स्टूडेंट्स के लिए एडमिशन-कम-स्कॉलरशिप प्रोग्राम-चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीईटी-2026) के जरिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी हर साल 250 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप देकर हजारों स्टूडेंट्स को 100 प्रतिशत तक स्कॉलरशिप प्रदान कर रही हैं, इसमें 200 करोड़ रुपये चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली और 50 करोड़ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लखनऊ कैंपस के लिए आवंटित है। इच्छुक स्टूडेंट्स चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की साइट https://www.cuchd.in/scholarship/पर जाकर आसानी से सीयूसीईटी-2026 के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
प्रोफेसर (डॉ.) बावा ने कहा कि 2012 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली कैंपस की स्थापना के बाद से, भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के 1.40 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स और कई विदेशी स्टूडेंट्स ने भी यूनिवर्सिटी द्वारा दी जाने वाली स्कॉलरशिप का लाभ उठाया है। मौजूदा एकेडमिक साल 2025-26 में, हरियाणा के 9678 स्टूडेंट्स ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप योजनाओं के तहत स्कॉलरशिप का लाभ उठाया है। इनमें से, हरियाणा के 4810 स्टूडेंट्स सीयूसीईटी के जरिए और 4868 स्टूडेंट्स अन्य स्कॉलरशिप का लाभ उठा रहे हैं।
डिफेंस स्कॉलरशिप की जानकारी देते हुए प्रोफेसर (डॉ.) बावा ने कहा कि पिछले 13 सालों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 5,723 स्टूडेंट्स को 6 करोड़ रुपये से अधिक की डिफेंस स्कॉलरशिप प्रदान की है, जिसमें हरियाणा के मौजूदा 67 स्टूडेंट्स शामिल हैं। डिफेंस कर्मियों के परिजन आर्म्ड फोर्सेज एजुकेशनल वेलफेयर स्कीम और शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा स्कॉलरशिप का लाभ उठा सकते हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का एनसीसी विंग देशसेवा के इच्छुक स्टूडेंट्स के सपनों को साकार कर रहा है। एनसीसी विंग में प्रशिक्षित 50 कैडेट्स इंडियन आर्म्ड फोर्सेज की तीनों विंग्स में अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
प्रोफेसर (डॉ.) बावा ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी देश-विदेश के बड़े रिक्रूटर्स की पहली पसंद है। 1300 से ज्यादा रिक्रूटर्स ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के 2025 सेशन के स्टूडेंट्स को 10,000 से ज्यादा नौकरियों के ऑफर दिए हैं। इसमें सर्वाधिक इंटरनेशनल पैकेज 1.74 करोड़ रुपये जबकि घरेलू पैकेज ऑफर 59.9 लाख रुपये रहा। इनमें से 31 से ज्यादा रिक्रूटर्स ने 20 लाख रुपये या उससे ज्यादा के जॉब ऑफर दिए, जबकि 52 कंपनियों ने 15 लाख रुपये से ज्यादा सालाना सैलरी पैकेज के जॉब ऑफर दिए।
प्रोफेसर (डॉ.) बावा ने कहा कि 2024 और 2025 में, हरियाणा के 2034 से ज्यादा स्टूडेंट्स को टॉप एमएनसी और भारतीय कंपनियों से जॉब ऑफर मिले। इनमें पिछले दो वर्षों के दौरान चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में शिक्षा प्राप्त कर रहे सिरसा, हरियाणा के 76 स्टूडेंट्स ने विभिन्न एमएनसी और भारतीय कंपनियों से नौकरियों के आॅफर प्राप्त किए हैं।
स्टूडेंट्स के बारे में जानकारी देते हुए प्रोफेसर (डॉ.) बावा ने बताया कि सिरसा का रहने वाला आर्यन मेहता, जिसने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक कर रहा है ज़ोरोसॉफ़्ट प्राइवेट लिमिटेड से 6 लाख रूपये सालाना का ऑफर मिला है। इसी तरह चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीई आईटी कर रही सिरसा की रेहनने वाली खुशबू को ईपीएएम कंपनी से 8 लाख रूपये सालाना का ऑफर मिला है। सिरसा की बीई आईटी की एक और स्टूडेंट गायत्री को ईपीएएम में नौकरी मिली है।
सिरसा का रहने वाला सुमित, जो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक कर रहा है उसे सैनडिस्क इंडिया डिवाइस डिज़ाइन सेंटर प्राइवेट लिम्टिड (ए डब्ल्यूडीसी कंपनी) से 21.1 लाख रूपये सालाना का ऑफर मिला है। सिरसा की रहने वाली चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट दिया जो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग (यूआईई) से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक की पढ़ाई कर रही है उसे जेडएस एसोसिएशन इंडिया प्राइवेट लिमटेड से 13.65 लाख रूपये सालाना और केपजिम्नी इंडिया प्राइवेट लिमटेड से 4.25 लाख रूपये सालाना का ऑफर मिला है।
इसके साथ ही, सिरसा की रहने वाली चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट सिया बहल जो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग (यूआईई) से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीई/बीटेक की पढ़ाई कर रही है उसे मॉर्गन स्टैनली इंडिया प्राइवेट लिमटेड से 10.4 लाख रूपये सालाना का ऑफर मिला है। इसी तरह सिरसा की रहने वाली चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट आंचल जो सीयू से एमबीए की शिक्षा हासिल कर रही है उसे फोनपे इंटरनेट प्राइवेट लिम्टिड से 4.5 लाख रूपये सालाना और स्किल्कार्ट कंपनी से 7.4 लाख रूपये सालाना का नौकरी का ऑफर मिला है। सिरसा का रहने वाला ऋषि, जो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के एपेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एआईटी) से कंप्यूटर सांइस एंड इंजीनियरिंग -आईबीएम – इनफार्मेशन सेक्युरिटी से बीई/बीटेक की पढ़ाई कर रहा है उसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विस लिमिटेड (टीसीएस) (डिजिटल) से 7 लाख रूपये सालाना और केपजिम्नी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से 5.75 लाख रूपये सालाना का ऑफर मिला है।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की रिसर्च और इनोवेशन उपलब्धियों के बारे में बताते हुए प्रो.(डॉ.) बावा ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के नाम 24,000 से ज्यादा रिसर्च पब्लिकेशन दर्ज हैं। 5519 से ज्यादा पेटेंट फाइल किए गए जबकि, 5800 पेटेंट प्रकाशित हुए हैं। यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स और फैकल्टी के विभिन्न क्षेत्रों में 260 पेटेंट ग्रांट हुए हैं। सेशन 2024-25 में ही, यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने 743 पेटेंट फाइल किए हैं जबकि 770 पब्लिश और 49 पेटेंट ग्रांट हुए हैं। यूनिवर्सिटी के 44 फैकल्टी मेंबर्स वर्ष 2025 की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी एल्सेवियर सूची में दुनिया के टॉप 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल हैं। क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 के अनुसार, सीयू ने इंटरनेशनल रिसर्च में देशभर की सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटीयों में 9वां और सभी यूनिवर्सिटियों में 12वां रैंक हासिल किया है।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के इंडस्ट्री-अकादमिक इंटरफेस के बारे में बताते हुए, प्रो.(डॉ.) बावा ने कहा कि सीयू इनोवेशन और रिसर्च के लिए अनुकूल वातावरण देती है, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट, सिस्को, हुंडई, टेक महिंद्रा, कैपजेमिनी और आईबीएम जैसी जानी-मानी मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा स्थापित 30 इंडस्ट्री-स्पॉन्सर्ड एडवांस्ड रिसर्च लैब और 32 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शामिल हैं। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी में 60 रिसर्च सेंटर भी हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (सीयू-टीबीआई) ने 250 से ज्यादा स्टूडेंट स्टार्टअप सफलतापूर्वक लॉन्च किए हैं। स्टूडेंट्स को रिसर्च-इंटेंसिव लर्निंग देने के लिए, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी हर साल 15 करोड़ रुपये सालाना बजट देती है। पिछले 5 सालों में अकेले विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय से यूनिवर्सिटी को रिसर्च और इनोवेशन प्रोजेक्ट्स के लिए 90 करोड़ रुपये की फंडिंग प्राप्त हुई है।
प्रोफेसर (डॉ.) बावा ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के टॉप ग्लोबल यूनिवर्सिटियों के साथ 530 इंटरनेशनल कोलैबोरेशन हैं, जिसके परिणामस्वरूप सेमेस्टर एक्सचेंज, इंटर्नशिप और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से 2400 से अधिक स्टूडेंट्स को अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके सहित विभिन्न देशों की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटियों में पढ़ने का अवसर मिला। सीयू में 2100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विजिटिंग फैकल्टी, 560 इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क स्कॉलर और 65 देशों के 3,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स हैं।
प्रोफेसर (डॉ.) बावा ने बताया कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2024 में सर्वाधिक 71 मेडल जीतकर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मौलाना अबुल कलाम आजाद (माका) ट्रॉफी जीतने वाली देश की पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनी। 5वीं खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में कुल 67 मेडल जीतकर लगातार दूसरी बार चैंपियन बनी। इसके अलावा, ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी रेसलिंग चैंपियनशिप 2025-26 में यूनिवर्सिटी 16 मेडल जीतकर ओवरऑल चैंपियन बनी। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के खिलाड़ियों ने अब तक 138 नेशनल और 87 इंटरनेशनल सहित कुल 610 मेडल जीते हैं। यूनिवर्सिटी खिलाड़ियों को 6.5 करोड़ के वार्षिक बजट के साथ अत्याधुनिक और निशुल्क सुविधाएं प्रदान करती हैं। वर्तमान में 562 छात्राओं सहित 1,183 एथलीट स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप का लाभ उठा रहे हैं। प्रोफेसर (डॉ.) बावा ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने देश को तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह, इंडियन कबड्डी टीम के कैप्टन अर्जुन अवॉर्डी पवन शेरावत और इंडियन हॉकी प्लेयर संजय सहित अनेक नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ी एवं एथलीट दिए है।2025 में हरियाणा के 292 स्टूडेंट्स स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप से लाभान्वित हैं।
आर्ट और कल्चरल में अपनी प्रतिष्ठा को बढ़ाते हुए यूनिवर्सिटी ने 39वें एआईयू इंटर-यूनिवर्सिटी नॉर्थ जोन यूथ फेस्टिवल 2026 में पाँचवीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप जीती तथा म्यूजिक, लिटरेरी और फाइन आर्ट्स कैटेगरी में ओवरऑल ट्रॉफियां हासिल की। प्रो. (डॉ.) बावा ने आगे कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी नैक ए प्लस प्राप्त करने वाली भारत की शीर्ष 5 प्रतिशत यूनिवर्सिटियों में शामिल है। सीयू को अमेरिका स्थित एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एबेट) से भी मान्यता प्राप्त है, जिससे यह मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कार्यक्रमों वाले शीर्ष 0.1 प्रतिशत भारतीय यूनिवर्सिटियों में शामिल हो गई है। इसे नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन (एनबीए) द्वारा भी मान्यता प्राप्त है।












