नेशनल डेस्क: सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। यह सत्र हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के कुछ ही दिनों बाद हो रहा है, जिसका असर सदन की कार्यवाही पर साफ दिखाई दे सकता है।
सत्र शुरू होने से ठीक पहले पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित किया और विपक्ष पर सीधा निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष के कुछ दल अभी भी पराजय की निराशा से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष को संदेश दिया कि वे हार को भुलाकर ‘सही और रचनात्मक मुद्दे’ उठाएं ताकि यह सत्र देश में ‘ऊर्जा भरने का काम’ कर सके।
पीएम मोदी ने कड़े शब्दों में कहा कि संसद ड्रामे का केंद्र नहीं है और ड्रामा करने के लिए संसद के बाहर कई जगहें हैं। उनका इशारा उन विपक्षी दलों की ओर था, जो बिहार चुनाव में हार के बाद भी सदन में हंगामा करने की तैयारी में हैं।
पीएम मोदी ने पहली बार चुने गए सांसदों के लिए मांगा मौका
अपने संबोधन में पीएम ने ने एक महत्वपूर्ण बात पर जोर दिया। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि पहली बार चुनकर आए युवा सांसदों को सदन में अधिक बोलने का मौका मिलना चाहिए। उनका मानना है कि इन नए सदस्यों के अनुभवों का लाभ देश को मिलना चाहिए और संसद की कार्यवाही में उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं।












