लुधियाना (राज): शहर में भू-माफिया और जालसाजों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दशकों पुराने सरकारी रिकॉर्ड में भी सेंधमारी करने से बाज नहीं आ रहे। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट लुधियाना द्वारा एक महिला को अलॉट किए गए प्लॉट को जाली दस्तावेजों के सहारे अपने नाम करवाने का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में जालसाजी की परतों को खोलते हुए आरोपी कृष्ण सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, मलेरकोटला के शिकायतकर्ता हरनेक सिंह ने पुलिस प्रशासन को बताया कि उसकी बहन पंजाब कौर के नाम पर साल 1972 में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने एक प्लॉट की रजिस्ट्री (वसीका नंबर 6335) करवाई थी, जिसका कब्जा भी उन्हें मिल चुका था। साल 1980 में सरकारी रिकॉर्ड में इस प्रॉपर्टी का इंतकाल भी पंजाब कौर के नाम दर्ज हो गया था। लेकिन शातिर आरोपी कृष्ण सिंह ने बड़ी ही चालाकी से एक जाली वसीका तैयार किया और उसी दिन एक अन्य इंतकाल नंबर के जरिए असली मालकिन का हक खत्म करवाकर प्रॉपर्टी अपने नाम करवा ली।
हैरानी की बात यह है कि असली इंतकाल को खारिज करवाकर जाली दस्तावेज को सरकारी फाइलों का हिस्सा बना दिया गया। दशकों बाद जब इस धोखाधड़ी का भंडाफोड़ हुआ, तो पीड़ित परिवार के होश उड़ गए। शिकायतकर्ता की दलीलों और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद पुलिस ने माना कि आरोपी ने सोची-समझी साजिश के तहत कागजों में हेराफेरी कर प्रॉपर्टी हड़पी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस खेल में शामिल अन्य कड़ियों की भी जांच की जा रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।












