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अमेरिका में भारतीयों पर गिरी गाज, मुसीबत में फंसे लाखों पंजाबी ड्राइवर , मोदी सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग

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International Desk: अमेरिका में हाल ही में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने न केवल भारतीय समुदाय को झकझोर दिया है, बल्कि वहां काम कर रहे 1.5 लाख से अधिक पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवरों की रोज़ी-रोटी पर भी संकट खड़ा कर दिया है।

क्या है मामला ?
12 अगस्त को फ्लोरिडा के फोर्ट पियर्स राजमार्ग पर पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवर हरजिंदर सिंह (28) ने अचानक ट्रक से गलत यू-टर्न ले लिया। उसी वक्त पीछे से आ रही एक मिनीवैन ट्रक से टकरा गई। इस टक्कर में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि हरजिंदर सिंह और उसके साथ ट्रक में मौजूद एक अन्य व्यक्ति सुरक्षित बच निकले।

हादसे के बाद हरजिंदर सिंह पर वाहन दुर्घटना से मौत के तीन मामले दर्ज किए गए।
शनिवार को सेंट लूसी काउंटी की जज लॉरेन स्वीट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स (Fox News) के मुताबिक, अदालत ने माना कि मामला बेहद गंभीर है और जमानत नहीं दी जा सकती।

अमेरिका का कड़ा कदम
इस घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए विदेशी ट्रक ड्राइवरों (खासकर भारतीय और पंजाबी मूल के) को वर्क वीज़ा जारी करने पर रोक लगा दी। इस फैसले से अमेरिका में काम कर रहे हजारों पंजाबी परिवारों की आर्थिक स्थिति पर संकट मंडरा गया है। दशकों से पंजाबी ड्राइवर अमेरिकी सप्लाई चेन की रीढ़ बने हुए हैं।
मंत्री संजीव अरोड़ा की अपील
इस मामले को लेकर पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री संजीव अरोड़ा ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है।अरोड़ा ने कहा: “हम हादसे की गंभीरता को समझते हैं, लेकिन किसी एक व्यक्ति की गलती की सज़ा पूरे समुदाय को नहीं दी जानी चाहिए। ” “अमेरिका में रह रहे करीब 1.5 लाख पंजाबी ट्रक ड्राइवरों की रोज़ी-रोटी पर यह फैसला भारी पड़ रहा है।” “विदेश मंत्रालय को तुरंत अमेरिकी अधिकारियों से उच्च-स्तरीय बातचीत कर वीज़ा रोक पर समाधान निकालना चाहिए।”

 

परिवारों की चिंता और पंजाब से डॉलर फ्लो
अमेरिका में बसे पंजाबी ट्रक ड्राइवर न केवल वहां की सप्लाई चेन को संभाल रहे हैं, बल्कि पंजाब के गांवों में भी डॉलर भेजकर हजारों परिवारों की आजीविका चला रहे हैं। वीज़ा रोक से ड्राइवरों का भविष्य अंधकारमय हो सकता है। बच्चों की पढ़ाई, घर-परिवार की देखभाल और पंजाब की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ सकता है।