· निजी कंपनियों को ठेके देकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सेहत से किया खिलवाड़ खिलवाड़ : टीना चौधरी
· घोटाले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
चंडीगढ़:पंजाब कांग्रेस की प्रवक्ता टीना चौधरी ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास मार्कफेड का विभाग होने के बावजूद, सरकार ने जानबूझकर मिड-डे मील, पंजीरी और अन्य खाद्य आपूर्ति के ठेके निजी कंपनियों को दिए।
टीना चौधरी ने आरोप लगाया कि इन निजी कंपनियों द्वारा घटिया स्तर का भोजन सप्लाई किया गया, जिससे गरीब बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ हुआ। उन्होंने कहा कि महंगे दामों पर सस्ता और निम्न गुणवत्ता वाला खाद्य सामग्री देकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन कंपनियों को टेंडर दिए गए, उनके पते एक जैसे हैं और सभी ने एक ही दिन लगभग एक ही समय पर टेंडर भरे, जो बड़े स्तर पर मिलीभगत और घोटाले की ओर इशारा करता है। यह पूरा मामला हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का प्रतीत होता है।
टीना चौधरी ने कहा कि पूर्व चेयरमैन द्वारा भी इस बात को स्वीकार किया गया कि एक कंपनी वेरका के नाम का दुरुपयोग कर भारी मुनाफा कमा रही थी, जिससे संस्थान की छवि खराब हुई।
उन्होंने मांग की कि जिन चार कंपनियों — चंडीगढ़ स्वीट्स, इंटरलिंक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, एमपी एग्रीटॉनिक्स लिमिटेड और प्रकाश मसाले — को ठेके दिए गए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय पंजीरी घी से तैयार की जाती थी और लगभग ₹91-92 प्रति किलो के हिसाब से दी जाती थी, जबकि मौजूदा सरकार ने रिफाइंड तेल से बनी निम्न गुणवत्ता की पंजीरी सप्लाई की, जिसकी लागत कम होने के बावजूद उसे महंगे दामों पर खरीदा गया। यह स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का मामला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में निजी कंपनियों द्वारा सप्लाई किए गए घटिया भोजन के कारण राज्य के 50% से अधिक बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं और उनका शारीरिक विकास प्रभावित हुआ है।
टीना चौधरी ने कहा कि अब जबकि मार्कफेड ने इन चारों कंपनियों के साथ अनुबंध समाप्त कर दिया है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और दोषियों को सजा दी जानी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि भविष्य में मिड-डे मील और आंगनवाड़ी के लिए खाद्य सामग्री की आपूर्ति दोबारा से मार्कफेड और वेरका जैसी विश्वसनीय सरकारी संस्थाओं के माध्यम से की जाए, ताकि बच्चों और महिलाओं को पौष्टिक भोजन मिल सके और उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।














