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हिमाचल में रक्षाबंधन पर बहनों के साथ भाइयों को भी छुट्टी, CM सुक्खू का एलान, सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए अवकाश की घोषणा

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हिमाचल प्रदेश में रक्षाबंधन अब सिर्फ़ महिलाओं का त्योहार नहीं रहेगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने 28 अगस्त (शुक्रवार) को पूरे राज्य में छुट्टी की घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन एक पवित्र त्योहार है जो भाई-बहन के बीच प्यार, भरोसे और स्नेह का जश्न मनाता है। बता दे कि अभी तक राज्य में रक्षाबंधन पर सिर्फ महिलाओं को ही छुट्टी मिलती थी। वहीं अब पुरुष कर्मचारियों को भी छुट्टी मिलेगा।

बहनों के साथ भाइयों को भी छुट्टी देने की घोषणा पहली बार की गई है। इससे पहले सिर्फ बहनों को ही सरकारी अवकाश रहता था। सीएम सुक्खू ने अवकाश की घोषणा की है।

उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, “बचपन की शरारतों से लेकर ज़िंदगी के हर पड़ाव पर एक-दूसरे का साथ निभाने तक, यह रिश्ता वाकई बहुत खास है।” उन्होंने आगे कहा, “भाई-बहन एक साथ रक्षाबंधन मना सकें और अपने परिवारों के साथ खुशियाँ बाँट सकें, इसके लिए मैं शुक्रवार को पूरे राज्य में एक दिन की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा करता हूँ।”

HRTC बसों में फ्री यात्रा
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी बसों में महिलाओं को निश्शुल्क सफर करने की सुविधा मिलेगी। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश सीमा के अंदर किसी भी महिला यात्री से किराया नहीं लिया जाएगा।

रक्षाबंधन, जिसे राखी भी कहा जाता है, एक लोकप्रिय त्योहार है जिसे पूरे भारत में बहुत जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस साल यह 28 अगस्त (शुक्रवार) को मनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और गुजरात जैसे कई राज्यों ने रक्षाबंधन के मौके पर स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है।

यूपी में महिलाओं को बस में मुफ़्त सफ़र की सुविधा

उत्तर प्रदेश में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि रक्षाबंधन के मौके पर 28 अगस्त को राज्य भर में महिलाओं को बसों में मुफ़्त सफ़र की सुविधा दी जाएगी। यह मुफ़्त सफ़र 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की आधी रात तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में उपलब्ध होगा।

आदित्यनाथ ने पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग को यह भी निर्देश दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी जाए और शहरों, एक्सप्रेसवे, हाईवे और मुख्य रास्तों पर गश्त बढ़ाई जाए। साथ ही, अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी मुख्य रास्तों पर ट्रैफ़िक सुचारू रूप से चलता रहे।