सोनीपत: नागरिक अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र (एमसीएच) परियोजना में निर्माण गुणवत्ता को लेकर सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सख्त कदम उठाया है। विभाग ने लापरवाही के आरोप में एक उपमंडल अभियंता (एसडीओ) और दो कनिष्ठ अभियंताओं (जेई) को निलंबित कर दिया है।
विभागीय आदेशों के अनुसार डिवीजन नंबर-2 में कार्यरत एसडीओ दिलबाग मेहरा, जेई दीपक मलिक और जेई सचिन को निलंबित कर मुख्यालय से अटैच (संबद्ध) किया गया है। कार्रवाई इंजीनियर-इन-चीफ कार्यालय के निर्देश पर की गई है। नागरिक अस्पताल में करीब 138.12 करोड़ रुपये की लागत से सात मंजिला अत्याधुनिक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
शिकायतों के आधार पर क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी की राज्य स्तरीय टीम ने मार्च में निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। जांच में भवन की नींव और कॉलम से जुड़े कार्यों में तकनीकी मानकों की अनदेखी सामने आई। निरीक्षण टीम ने कंक्रीट निर्माण प्रक्रिया, सामग्री के उपयोग और सुरक्षा मानकों से जुड़े कई बिंदुओं पर खामियां दर्ज कीं। निर्माण सामग्रियों के नमूनों का प्रयोगशाला में परीक्षण कराया गया। 14 मई को सरकार को सौंपी गई विस्तृत रिपोर्ट में गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियों की पुष्टि होने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई।
26 मई को किए गए तीनों निलंबित
26 मई को तीनों अभियंताओं के निलंबन आदेश जारी कर दिए गए। इस कार्रवाई का सबसे अधिक असर एसडीओ दिलबाग मेहरा पर पड़ा है। वह अगस्त के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार उन्होंने सेवा विस्तार के लिए भी आवेदन किया था।












