नेशनल डेस्कः कैंसर और लिवर फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों के साथ अब दिल से जुड़ी समस्याएं भी भारत सहित दुनियाभर में मौत की सबसे बड़ी वजह बन रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि हर दिन बढ़ रही हृदय रोगियों की संख्या चिंता का विषय बन चुकी है। लेकिन राहत की बात यह है कि वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के अनुसार, 80% तक हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों को रोका जा सकता है, वो भी बिना जीवनशैली में कोई बड़ा बदलाव किए।
चौंकाने वाली बात यह है कि आज हर दूसरे व्यक्ति के आसपास किसी न किसी को हार्ट अटैक से मौत की खबर सुनने को मिल रही है। लेकिन राहत की बात ये है कि विशेषज्ञों का मानना है कि करीब 80% हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों को रोका जा सकता है, वो भी बिना अपनी पूरी जीवनशैली बदलने के।
अमेरिका के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वास ने कुछ ऐसी छोटी लेकिन असरदार आदतें बताई हैं, जिन्हें अपनाकर हम दिल को स्वस्थ और मजबूत बनाए रख सकते हैं। आइए जानते हैं वे 5 जरूरी आदतें:-
1. खाना खाने के बाद करें हल्की सैर
खाने के बाद तुरंत बैठने या लेटने की बजाय 10–15 मिनट की हल्की सैर करने की आदत डालें। रिसर्च बताती है कि ऐसा करने से न सिर्फ ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है, बल्कि दिल पर दबाव भी कम पड़ता है। दिन में कई बार थोड़ी-थोड़ी देर टहलना, एक लंबी वॉक से भी ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
2. ओमेगा-3 के लिए गोलियों की बजाय खाएं प्राकृतिक फूड्स
ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी सप्लीमेंट लेने के बजाय इसे प्राकृतिक रूप से भोजन में शामिल करना ज्यादा प्रभावी होता है। सैल्मन मछली, अखरोट, अलसी और चिया सीड्स जैसे खाद्य पदार्थों को नियमित डाइट में जरूर शामिल करें। ये खून में खराब फैट को कम करते हैं और धमनियों में ब्लॉकेज से बचाव करते हैं।
3.अच्छी और गहरी नींद लें
हर दिन 6 घंटे से कम की नींद दिल के लिए हानिकारक मानी जाती है। अच्छी और गहरी नींद से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और दिल की धमनियां रिलैक्स होती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना एक निश्चित समय पर सोने की आदत बनाएं, सोते समय कमरे में अंधेरा रखें और मोबाइल या टीवी से दूरी बनाएं।
4. प्लास्टिक के बजाय इस्तेमाल करें स्टील या कांच की बोतलें
प्लास्टिक की बोतलों और बर्तनों में मौजूद BPA जैसे रसायन हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकते हैं, जो दिल की सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। पानी पीने के लिए स्टील या कांच की बोतलों का उपयोग करें और प्लास्टिक कंटेनर में खाना गर्म करने से बचें। यह छोटा सा बदलाव न केवल दिल के लिए बेहतर है बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।
5. नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं
दिल की बीमारियां अक्सर धीरे-धीरे विकसित होती हैं और समय रहते इनके लक्षण पहचान में नहीं आते। ऐसे में साल में कम से कम एक या दो बार ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर करवाएं। खासकर अगर परिवार में किसी को दिल की बीमारी है, तो ये चेकअप और भी जरूरी हो जाते हैं। समय पर जांच से बीमारी का पता चल सकता है और उचित इलाज या जीवनशैली में बदलाव करके बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।












